Previous Year Question
भारत की संसद को राज्य सूची में किसी विषय पर, राष्ट्रीय हित में, विधि बनाने की शक्ति प्राप्त हो जाती है, यदि इस आशय का संकल्प निम्नलिखित में से किसके द्वारा पारित कर दिया जाए?
लोक सभा द्वारा अपनी संपूर्ण सदस्यता के साधारण बहुमत से
लोक सभा द्वारा अपनी संपूर्ण सदस्यता के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से
राज्य सभा द्वारा अपनी संपूर्ण सदस्यता के साधारण बहुमत से
राज्य सभा द्वारा अपने उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से
Correct Answer: D
Detailed Solution
संविधान के अनुच्छेद 249(1) के अनुसार, यदि राज्य सभा उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से यह संकल्प पारित करती है कि राष्ट्रीय हित में संसद द्वारा राज्य सूची के संकल्प में उल्लिखित विषय पर विधि बनाना आवश्यक या समीचीन है, तो संसद उस विषय पर संपूर्ण भारत अथवा उसके किसी भाग के लिए विधि बना सकती है।
यहाँ दो बातें महत्त्वपूर्ण हैं:
संकल्प केवल राज्य सभा द्वारा पारित किया जाता है।
आवश्यक बहुमत राज्य सभा की कुल सदस्यता का दो-तिहाई नहीं, बल्कि उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों का कम-से-कम दो-तिहाई है।
राज्य सभा राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है। इसलिए राज्य सूची के विषय पर राष्ट्रीय हित में संसद को विधि-निर्माण की शक्ति देने का विशेष अधिकार राज्य सभा को दिया गया है।
अनुच्छेद 249 के अंतर्गत:
संकल्प अधिकतम एक वर्ष तक प्रभावी रह सकता है।
इसे समान प्रक्रिया द्वारा प्रत्येक बार अधिकतम एक वर्ष के लिए नवीकृत किया जा सकता है।
संकल्प समाप्त होने के बाद संसद द्वारा बनाई गई विधि तत्काल समाप्त नहीं होती।
वह विधि संकल्प की समाप्ति के छह महीने बाद तक प्रभावी रहती है; इसके बाद वह भविष्य के लिए अप्रभावी हो जाती है।
इस दौरान राज्य विधानमंडल भी उसी विषय पर विधि बना सकता है, लेकिन असंगति होने पर संसद की विधि को प्रधानता प्राप्त होती है।
संसद अन्य परिस्थितियों में भी राज्य सूची पर विधि बना सकती है, जैसे राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 250, दो या अधिक राज्यों की सहमति पर अनुच्छेद 252, अंतरराष्ट्रीय समझौतों को लागू करने के लिए अनुच्छेद 253 और राष्ट्रपति शासन के दौरान अनुच्छेद 356 के अंतर्गत।