Previous Year Question
निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
लोक सभा में लंबित कोई विधेयक उसके सत्रावसान पर व्यपगत हो जाता है।
राज्य सभा में लंबित कोई विधेयक, जिसे लोक सभा ने पारित नहीं किया है, लोक सभा के विघटन पर व्यपगत नहीं होगा।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1, न ही 2
Correct Answer: B
Detailed Solution
कथन 1 गलत है। संविधान के अनुच्छेद 107(3) के अनुसार संसद में लंबित कोई विधेयक केवल सदनों के सत्रावसान के कारण व्यपगत नहीं होता।
सत्रावसान और विघटन अलग-अलग अवधारणाएँ हैं:
सत्रावसान राष्ट्रपति द्वारा संसद के किसी सत्र को समाप्त करना है। इससे सदन का अस्तित्व समाप्त नहीं होता।
विघटन केवल लोक सभा का हो सकता है। इससे वर्तमान लोक सभा का कार्यकाल समाप्त हो जाता है।
राज्य सभा एक स्थायी सदन है और उसका विघटन नहीं होता।
अतः लोक सभा में लंबित विधेयक सत्रावसान के बाद अगले सत्र में आगे विचार के लिए बना रह सकता है।
कथन 2 सही है। अनुच्छेद 107(4) के अनुसार राज्य सभा में लंबित ऐसा विधेयक, जिसे लोक सभा ने पारित नहीं किया है, लोक सभा के विघटन पर व्यपगत नहीं होता। राज्य सभा के स्थायी सदन होने के कारण विधेयक वहीं लंबित रहता है।
लोक सभा के विघटन पर विधेयकों की स्थिति इस प्रकार होती है:
लोक सभा में लंबित विधेयक व्यपगत हो जाता है।
लोक सभा द्वारा पारित लेकिन राज्य सभा में लंबित विधेयक व्यपगत हो जाता है।
राज्य सभा में लंबित और लोक सभा द्वारा अभी पारित न किया गया विधेयक व्यपगत नहीं होता।
दोनों सदनों द्वारा पारित और राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए लंबित विधेयक व्यपगत नहीं होता।
राष्ट्रपति द्वारा पुनर्विचार के लिए लौटाया गया विधेयक लोक सभा के विघटन पर व्यपगत नहीं होता।
यदि राष्ट्रपति लोक सभा के विघटन से पहले संयुक्त बैठक बुलाने के अपने आशय की सूचना दे चुका है, तो अनुच्छेद 108(5) के अनुसार संयुक्त बैठक हो सकती है और विधेयक व्यपगत नहीं होता।