Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
लोक सभा अथवा राज्य की विधान सभा के निर्वाचन में, जीतने वाले उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित किए जाने के लिए, डाले गए मतों का कम-से-कम 50 प्रतिशत पाना अनिवार्य है।
भारत के संविधान में अधिकथित उपबंधों के अनुसार, लोक सभा में अध्यक्ष का पद बहुमत वाले दल को जाता है तथा उपाध्यक्ष का पद विपक्ष को जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1, न ही 2
Correct Answer: D
Detailed Solution
कथन 1 गलत है। लोक सभा और राज्य विधानसभाओं के निर्वाचन में सर्वाधिक मत प्राप्त करने वाला उम्मीदवार निर्वाचित घोषित होता है। इसे सामान्यतः सर्वाधिक मत से विजय अथवा First-Past-the-Post System कहा जाता है।
उम्मीदवार के लिए कुल डाले गए वैध मतों का 50 प्रतिशत या पूर्ण बहुमत प्राप्त करना आवश्यक नहीं है। यदि किसी निर्वाचन-क्षेत्र में अनेक उम्मीदवार हों, तो विजयी उम्मीदवार 50 प्रतिशत से कम मत प्राप्त करके भी निर्वाचित हो सकता है, बशर्ते उसे अन्य सभी उम्मीदवारों से अधिक मत मिले हों।
उदाहरण के लिए, यदि उम्मीदवारों को क्रमशः 40%, 35% और 25% मत मिलते हैं, तो 40% मत प्राप्त करने वाला उम्मीदवार निर्वाचित होगा, यद्यपि उसे कुल मतों का बहुमत प्राप्त नहीं हुआ।
कथन 2 भी गलत है। संविधान के अनुच्छेद 93 के अनुसार लोक सभा अपने दो सदस्यों को क्रमशः अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनती है। संविधान यह निर्धारित नहीं करता कि:
अध्यक्ष बहुमत वाले दल से ही होगा; अथवा
उपाध्यक्ष विपक्षी दल से ही होगा।
सामान्यतः अध्यक्ष सत्तारूढ़ दल या गठबंधन से चुना जाता है और उपाध्यक्ष का पद विपक्ष को देने की संसदीय परंपरा रही है। लेकिन यह केवल परंपरा है, संवैधानिक रूप से अनिवार्य व्यवस्था नहीं।
अनुच्छेद 94 के अनुसार अध्यक्ष या उपाध्यक्ष:
लोक सभा का सदस्य न रहने पर अपना पद रिक्त कर देता है;
एक-दूसरे को लिखित रूप में त्यागपत्र दे सकता है; तथा
लोक सभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत से पारित प्रस्ताव द्वारा पद से हटाया जा सकता है। ऐसे प्रस्ताव के लिए कम-से-कम 14 दिन की पूर्व सूचना आवश्यक है।