Previous Year Question
धन विधेयक के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
किसी विधेयक को धन विधेयक तब माना जाएगा जब इसमें केवल किसी कर के अधिरोपण, उत्सादन, परिहार, परिवर्तन या विनियमन से संबंधित प्रावधान हों।
धन विधेयक में भारत की संचित निधि या भारत की आकस्मिकता निधि की अभिरक्षा के लिए उपबंध होते हैं।
धन विधेयक भारत की आकस्मिकता निधि से धन के विनियोग से संबंधित होता है।
धन विधेयक भारत सरकार द्वारा धन उधार लेने के विनियमन या कोई प्रत्याभूति देने से संबंधित होता है।
Correct Answer: C
Detailed Solution
कथन (c) सही नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 110(1)(d) के अनुसार धन विधेयक में भारत की संचित निधि से धन के विनियोग से संबंधित प्रावधान हो सकता है, न कि भारत की आकस्मिकता निधि से धन के विनियोग का प्रावधान।
भारत की आकस्मिकता निधि का प्रावधान अनुच्छेद 267 में है। यह राष्ट्रपति के नियंत्रण में रखी जाती है ताकि अप्रत्याशित और अत्यावश्यक व्यय के लिए संसद की स्वीकृति प्राप्त होने तक अग्रिम धन उपलब्ध कराया जा सके। बाद में संसद द्वारा संबंधित व्यय को अधिकृत करके आकस्मिकता निधि में धन की प्रतिपूर्ति की जाती है।
अन्य कथन सही हैं:
कथन (a): अनुच्छेद 110(1)(a) में किसी कर के अधिरोपण, उत्सादन, परिहार, परिवर्तन अथवा विनियमन को धन विधेयक का विषय माना गया है।
कथन (b): अनुच्छेद 110(1)(c) में भारत की संचित निधि या आकस्मिकता निधि की अभिरक्षा, इनमें धन जमा करने अथवा इनसे धन निकालने को शामिल किया गया है।
कथन (d): अनुच्छेद 110(1)(b) में भारत सरकार द्वारा धन उधार लेने, प्रत्याभूति देने तथा सरकार के वित्तीय दायित्वों से संबंधित कानून में संशोधन को शामिल किया गया है।
अनुच्छेद 110 के अनुसार किसी विधेयक को धन विधेयक तभी माना जाएगा जब उसमें केवल खंड (a) से (f) में उल्लिखित विषयों अथवा उनसे आनुषंगिक विषयों से संबंधित प्रावधान हों।
केवल जुर्माना लगाने, लाइसेंस शुल्क या सेवाओं के लिए शुल्क लेने अथवा स्थानीय निकाय द्वारा स्थानीय उद्देश्य के लिए कर लगाने से कोई विधेयक धन विधेयक नहीं बन जाता।
धन विधेयक से संबंधित अन्य विशेषताएँ:
इसे केवल लोक सभा में और राष्ट्रपति की सिफारिश पर प्रस्तुत किया जा सकता है।
कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, इस पर लोक सभा अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होता है।
राज्य सभा इसे अस्वीकार या संशोधित नहीं कर सकती; वह 14 दिनों के भीतर केवल सिफारिशें कर सकती है।
लोक सभा राज्य सभा की सभी या किसी भी सिफारिश को स्वीकार अथवा अस्वीकार कर सकती है।
धन विधेयक पर दोनों सदनों की संयुक्त बैठक का प्रावधान नहीं है।