Previous Year Question
भारत के राष्ट्रपति के निर्वाचन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
प्रत्येक विधायक के मत का मूल्य अलग-अलग राज्य में अलग-अलग होता है।
लोक सभा के सदस्यों के मत का मूल्य राज्य सभा के सदस्यों के मत के मूल्य से अधिक होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1, न ही 2
Correct Answer: A
Detailed Solution
कथन 1 सही है। संविधान के अनुच्छेद 55 का उद्देश्य विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधित्व में यथासंभव एकरूपता तथा राज्यों और संघ के बीच समतुल्यता स्थापित करना है।
किसी राज्य के प्रत्येक निर्वाचित विधायक के मत का मूल्य इस प्रकार निर्धारित होता है:
एक हजार के गुणकों की गणना के बाद शेषफल 500 या उससे अधिक होने पर मत-मूल्य में एक जोड़ दिया जाता है। राज्यों की जनसंख्या और निर्वाचित विधायकों की संख्या अलग-अलग होने के कारण विधायक के मत का मूल्य एक राज्य से दूसरे राज्य में भिन्न होता है।
संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार, प्रथम 2026-पश्चात् जनगणना के प्रासंगिक आँकड़े प्रकाशित होने तक इस गणना के लिए 1971 की जनगणना की जनसंख्या प्रयुक्त की जाती है।
कथन 2 गलत है। प्रत्येक निर्वाचित सांसद के मत का मूल्य निम्न प्रकार निर्धारित होता है:
इस गणना में लोक सभा और राज्य सभा के निर्वाचित सदस्यों के बीच कोई अंतर नहीं किया जाता। इसलिए प्रत्येक निर्वाचित लोक सभा सदस्य और प्रत्येक निर्वाचित राज्य सभा सदस्य के मत का मूल्य समान होता है। वर्ष 2017 के राष्ट्रपति निर्वाचन में प्रत्येक निर्वाचित सांसद के मत का मूल्य 708 था।
अनुच्छेद 54 के अनुसार राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल में शामिल होते हैं:
संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य;
राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य; तथा
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और पुडुचेरी की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य।
संसद और विधानसभाओं के मनोनीत सदस्य तथा राज्यों की विधान परिषदों के सदस्य निर्वाचक मंडल में शामिल नहीं होते। अनुच्छेद 55(3) के अनुसार निर्वाचन आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली, एकल संक्रमणीय मत और गुप्त मतदान द्वारा होता है।