Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
भारत में ऐसा कोई कानून नहीं है जो उम्मीदवारों को एक लोक सभा चुनाव में तीन निर्वाचन-क्षेत्रों से चुनाव लड़ने से रोकता है।
1991 के लोक सभा चुनाव में श्री देवी लाल ने तीन लोक सभा निर्वाचन-क्षेत्रों से चुनाव लड़ा।
वर्तमान नियमों के अनुसार, यदि कोई उम्मीदवार एक लोक सभा चुनाव में कई निर्वाचन-क्षेत्रों से चुनाव लड़ता है, तो सभी निर्वाचन-क्षेत्रों में उसके जीतने की स्थिति में उसके द्वारा खाली किए गए निर्वाचन-क्षेत्रों के उप-चुनावों का खर्च उसकी पार्टी को वहन करना चाहिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2
1 और 3
2 और 3
Correct Answer: B
Detailed Solution
कथन 1 गलत है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 33(7) किसी उम्मीदवार द्वारा एक ही आम चुनाव में चुनाव लड़े जाने वाले निर्वाचन-क्षेत्रों की संख्या सीमित करती है।
वर्तमान कानून के अनुसार कोई उम्मीदवार:
एक लोकसभा आम चुनाव में अधिकतम दो संसदीय निर्वाचन-क्षेत्रों से चुनाव लड़ सकता है।
किसी राज्य विधानसभा के आम चुनाव में अधिकतम दो विधानसभा निर्वाचन-क्षेत्रों से चुनाव लड़ सकता है।
एक साथ आयोजित उप-चुनावों में भी अधिकतम दो निर्वाचन-क्षेत्रों से चुनाव लड़ सकता है।
यह सीमा लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) अधिनियम, 1996 द्वारा लागू की गई थी। इससे पहले उम्मीदवार के दो से अधिक निर्वाचन-क्षेत्रों से चुनाव लड़ने पर ऐसी रोक नहीं थी।
कथन 2 सही है। वर्ष 1991 के लोकसभा चुनाव में चौधरी देवी लाल ने तीन संसदीय निर्वाचन-क्षेत्रों से चुनाव लड़ा था। यह घटना वर्ष 1996 में दो निर्वाचन-क्षेत्रों की सीमा लागू होने से पहले की है।
कथन 3 गलत है। वर्तमान कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि अनेक निर्वाचन-क्षेत्रों से जीतने वाले उम्मीदवार की पार्टी को खाली की गई सीट पर होने वाले उप-चुनाव का खर्च वहन करना होगा।
यदि कोई उम्मीदवार दो सीटों से निर्वाचित होता है, तो वह एक समय में दोनों सीटों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 70 और संबंधित नियमों के अनुसार उसे एक सीट रखनी तथा दूसरी सीट खाली करनी होती है। खाली सीट पर उप-चुनाव कराया जाता है।
उप-चुनाव का खर्च उम्मीदवार या उसके राजनीतिक दल से वसूलने के सुझाव समय-समय पर दिए गए हैं, लेकिन यह अभी प्रश्न में बताए गए रूप में कानून नहीं है।
इस प्रश्न का मूल अंतर:
वर्ष 1991 में तीन सीटों से चुनाव लड़ना उस समय संभव था।
वर्तमान कानून अधिकतम दो सीटों की अनुमति देता है।
खाली सीट पर उप-चुनाव का खर्च पार्टी द्वारा वहन करना कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है।