Previous Year Question
निम्नलिखित में से कौन-सी लोक सभा की अनन्य शक्ति/शक्तियाँ है/हैं?
आपात की घोषणा का अनुसमर्थन करना।
मंत्रिपरिषद के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित करना।
भारत के राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाना।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
1 और 2
केवल 2
1 और 3
केवल 3
Correct Answer: B
Detailed Solution
कथन 1 गलत है। आपातकाल की उद्घोषणा का अनुमोदन केवल लोकसभा की शक्ति नहीं है। इसे संसद के दोनों सदनों द्वारा अनुमोदित किया जाना आवश्यक है।
उदाहरण के लिए:
अनुच्छेद 352 के राष्ट्रीय आपातकाल को एक महीने के भीतर लोकसभा और राज्यसभा—दोनों से अनुमोदन चाहिए।
अनुच्छेद 356 के अंतर्गत राष्ट्रपति शासन को दो महीने के भीतर दोनों सदनों का अनुमोदन चाहिए।
अनुच्छेद 360 के वित्तीय आपात को भी दो महीने के भीतर दोनों सदनों का अनुमोदन चाहिए।
राष्ट्रीय आपात को अस्वीकार करने के संबंध में लोकसभा को विशेष शक्ति अवश्य प्राप्त है। यदि लोकसभा इसे जारी रखने के विरुद्ध संकल्प पारित करती है, तो राष्ट्रपति को उद्घोषणा वापस लेनी होती है। लेकिन आपात की पुष्टि या अनुमोदन लोकसभा की अनन्य शक्ति नहीं है।
कथन 2 सही है। मंत्रिपरिषद के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव केवल लोकसभा में प्रस्तुत और पारित किया जा सकता है। इसका संवैधानिक आधार अनुच्छेद 75(3) है, जिसके अनुसार संघ की मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है।
अविश्वास प्रस्ताव के संबंध में:
इसे केवल पूरी मंत्रिपरिषद के विरुद्ध लाया जाता है।
लोकसभा में प्रस्ताव को प्रस्तुत करने की अनुमति के लिए कम-से-कम 50 सदस्यों का समर्थन आवश्यक होता है।
प्रस्ताव पारित होने पर प्रधानमंत्री सहित पूरी मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना होता है।
राज्यसभा सरकार को अविश्वास प्रस्ताव द्वारा पद से नहीं हटा सकती।
कथन 3 गलत है। राष्ट्रपति पर महाभियोग की प्रक्रिया संसद के किसी भी सदन से प्रारंभ की जा सकती है। यह लोकसभा की अनन्य शक्ति नहीं है।
अनुच्छेद 61 के अनुसार:
आरोप लोकसभा या राज्यसभा—किसी भी सदन द्वारा लगाया जा सकता है।
प्रस्ताव प्रस्तुत करने से कम-से-कम 14 दिन पहले लिखित सूचना आवश्यक है।
सूचना पर सदन की कुल सदस्य संख्या के कम-से-कम एक-चौथाई सदस्यों के हस्ताक्षर होने चाहिए।
आरोप लगाने वाला संकल्प सदन की कुल सदस्य संख्या के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से पारित होना चाहिए।
दूसरा सदन आरोपों की जाँच करता है या जाँच करवाता है।
यदि दूसरा सदन भी कुल सदस्य संख्या के दो-तिहाई बहुमत से आरोप सिद्ध होने का संकल्प पारित करता है, तो राष्ट्रपति उस संकल्प की तारीख से पद से हट जाता है।