Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
एक बार जब केंद्र सरकार किसी क्षेत्र को ‘सामुदायिक रिज़र्व’ अधिसूचित कर देती है, तब
राज्य का मुख्य वन्यजीव वार्डन ऐसे वन का नियंत्रक प्राधिकारी बन जाता है।
ऐसे क्षेत्र में शिकार की अनुमति नहीं है।
ऐसे क्षेत्र के लोगों को गैर-इमारती लकड़ी वन उत्पाद संग्रह करने की अनुमति है।
ऐसे क्षेत्र के लोगों को पारंपरिक कृषि पद्धतियों की अनुमति है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
केवल एक
केवल दो
केवल तीन
सभी चार
Correct Answer: C
Detailed Solution
वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 36C के अनुसार सामुदायिक रिज़र्व ऐसी निजी अथवा सामुदायिक भूमि पर घोषित किया जा सकता है जो पहले से राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य या संरक्षण रिज़र्व का भाग न हो और जहाँ समुदाय या कोई व्यक्ति वन्यजीव तथा उनके आवास के संरक्षण के लिए स्वेच्छा से आगे आया हो।
कानून के अनुसार सामुदायिक रिज़र्व की घोषणा राज्य सरकार करती है।
कथन 1 गलत है। सामुदायिक रिज़र्व का शासी प्राधिकारी मुख्य वन्यजीव वार्डन नहीं होता। धारा 36D के अनुसार राज्य सरकार एक Community Reserve Management Committee गठित करती है।
यह समिति:
सामुदायिक रिज़र्व के संरक्षण और प्रबंधन के लिए उत्तरदायी होती है।
प्रबंधन योजना तैयार और लागू करने वाली सक्षम प्राधिकारी होती है।
वन्यजीव और उनके आवास की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाती है।
इसमें ग्राम पंचायत या ग्राम सभा के प्रतिनिधियों के साथ राज्य के वन अथवा वन्यजीव विभाग का प्रतिनिधि होता है।
समिति का निर्वाचित अध्यक्ष सामुदायिक रिज़र्व का मानद वन्यजीव वार्डन होता है।
कथन 2 सही है। सामुदायिक रिज़र्व एक संरक्षित क्षेत्र है और वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम के अंतर्गत इसमें शिकार की अनुमति नहीं होती। अधिनियम की धारा 9 सामान्यतः अनुसूचित वन्यजीवों के शिकार को प्रतिबंधित करती है, सिवाय कानून में निर्धारित विशेष परिस्थितियों के।
कथन 3 सही है। सामुदायिक रिज़र्व की अवधारणा स्थानीय समुदाय के संरक्षण और टिकाऊ उपयोग से जुड़ी है। प्रबंधन योजना और समिति द्वारा निर्धारित नियमों के अधीन स्थानीय लोगों को गैर-काष्ठ वन उत्पादों का संग्रह जारी रखने की अनुमति हो सकती है।
गैर-काष्ठ वन उत्पादों में शहद, बाँस, औषधीय पौधे, फल, बीज, पत्तियाँ और गोंद जैसे उत्पाद शामिल हो सकते हैं।
कथन 4 सही है। सामुदायिक रिज़र्व प्रायः सामुदायिक अथवा निजी भूमि पर घोषित होते हैं। पहले से प्रचलित पारंपरिक कृषि गतिविधियाँ प्रबंधन योजना के अधीन जारी रह सकती हैं।
हालाँकि अधिसूचना के बाद भूमि-उपयोग के स्वरूप में परिवर्तन Community Reserve Management Committee के संकल्प और राज्य सरकार की अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता।