JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

POLITY · 2024

Previous Year Question

भारतीय संसद के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. भारत के राष्ट्रपति द्वारा किसी सदन का सत्रावसान करने के लिए मंत्रिपरिषद की सलाह की आवश्यकता नहीं होती है।

  2. किसी सदन का सत्रावसान सामान्यतः सदन के अनिश्चित काल के लिए स्थगित किए जाने के बाद किया जाता है, किंतु भारत के राष्ट्रपति द्वारा सत्र में चल रहे सदन का सत्रावसान करने पर कोई रोक नहीं है।

  3. लोक सभा का विघटन भारत के राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है, जो असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर, मंत्रिपरिषद की सलाह पर ऐसा करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

A.

केवल 1

B.

1 और 2

C.

2 और 3

D.

केवल 3

Correct Answer: C

Detailed Solution

कथन 1 गलत है। अनुच्छेद 85(2)(a) राष्ट्रपति को संसद के किसी सदन का सत्रावसान करने की शक्ति देता है। लेकिन अनुच्छेद 74 के अनुसार राष्ट्रपति इस शक्ति का प्रयोग संघ की मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह पर करता है। इसलिए सत्रावसान के लिए मंत्रिपरिषद की सलाह आवश्यक होती है।

कथन 2 सही है। सामान्यतः लोकसभा अध्यक्ष या राज्यसभा सभापति पहले सदन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करता है और उसके बाद राष्ट्रपति सत्रावसान की अधिसूचना जारी करता है। फिर भी संविधान में ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं है कि राष्ट्रपति सत्र में चल रहे सदन का सत्रावसान नहीं कर सकता।

दोनों शब्दों में अंतर है:

  • अनिश्चितकालीन स्थगन: पीठासीन अधिकारी सदन की बैठक को अगली तारीख निर्धारित किए बिना समाप्त करता है।

  • सत्रावसान: राष्ट्रपति संसद के किसी सदन के पूरे सत्र को समाप्त करता है।

  • विघटन: लोकसभा का अस्तित्व समाप्त हो जाता है और नए आम चुनाव आवश्यक होते हैं।

कथन 3 सही है। अनुच्छेद 85(2)(b) के अनुसार राष्ट्रपति लोकसभा को विघटित कर सकता है। सामान्यतः राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की सलाह पर ऐसा करता है।

असाधारण परिस्थिति में, जैसे सरकार बहुमत खो चुकी हो और कोई वैकल्पिक सरकार बनाई जा सकती हो, राष्ट्रपति तत्काल विघटन की सलाह स्वीकार करने के बजाय संवैधानिक विकल्पों की जाँच कर सकता है।

अन्य महत्त्वपूर्ण तथ्य:

  • राज्यसभा का विघटन नहीं होता; अनुच्छेद 83(1) के अनुसार यह स्थायी सदन है।

  • राज्यसभा के लगभग एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दूसरे वर्ष सेवानिवृत्त होते हैं।

  • अनुच्छेद 83(2) के अनुसार लोकसभा का सामान्य कार्यकाल अपनी पहली बैठक की तारीख से पाँच वर्ष है, जब तक कि उसे पहले विघटित न कर दिया जाए।

  • सत्रावसान से संसद में लंबित विधेयक व्यपगत नहीं होते।

  • अनुच्छेद 85(1) के अनुसार संसद के एक सत्र की अंतिम बैठक और अगले सत्र की पहली बैठक के बीच छह महीने से अधिक का अंतर नहीं हो सकता।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.