Previous Year Question
संसद में धन विधेयक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
अनुच्छेद 109 धन विधेयकों के संबंध में विशेष प्रक्रिया का उल्लेख करता है।
धन विधेयक राज्य सभा में पुरःस्थापित नहीं किया जाएगा।
राज्य सभा विधेयक को या तो अनुमोदित कर सकती है या परिवर्तनों के सुझाव दे सकती है लेकिन इसे अस्वीकार नहीं कर सकती।
राज्य सभा द्वारा धन विधेयक में सुझाए गए संशोधनों को लोक सभा को स्वीकार करना होता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:
1 और 2
2 और 3
1, 2 और 3
1, 3 और 4
Correct Answer: C
Detailed Solution
कथन 1 सही है। अनुच्छेद 109 संसद में धन विधेयक पारित करने की विशेष प्रक्रिया निर्धारित करता है। धन विधेयक के संबंध में लोकसभा को राज्यसभा की तुलना में अधिक शक्तियाँ प्राप्त हैं।
कथन 2 सही है। अनुच्छेद 109(1) के अनुसार धन विधेयक राज्यसभा में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। इसे केवल लोकसभा में और राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश पर प्रस्तुत किया जाता है।
कथन 3 सही है। लोकसभा से पारित होने के बाद धन विधेयक राज्यसभा को उसकी सिफारिशों के लिए भेजा जाता है। राज्यसभा:
विधेयक को बिना किसी सिफारिश के लौटा सकती है।
विधेयक में परिवर्तन करने की सिफारिश कर सकती है।
विधेयक में बाध्यकारी संशोधन नहीं कर सकती।
इसे साधारण विधेयक की तरह अस्वीकार करके समाप्त नहीं कर सकती।
राज्यसभा को धन विधेयक 14 दिनों के भीतर लोकसभा को लौटाना होता है। यदि वह ऐसा नहीं करती, तो विधेयक 14 दिन समाप्त होने पर दोनों सदनों द्वारा उसी रूप में पारित माना जाता है जिसमें लोकसभा ने उसे पारित किया था।
कथन 4 गलत है। राज्यसभा द्वारा की गई सिफारिशों को स्वीकार करना लोकसभा के लिए अनिवार्य नहीं है। लोकसभा सभी, कुछ अथवा किसी भी सिफारिश को स्वीकार न करने का निर्णय ले सकती है।
यदि लोकसभा राज्यसभा की किसी सिफारिश को स्वीकार करती है, तो विधेयक स्वीकृत परिवर्तन के साथ दोनों सदनों द्वारा पारित माना जाता है। यदि लोकसभा सभी सिफारिशें अस्वीकार कर देती है, तो विधेयक लोकसभा द्वारा मूल रूप में पारित माना जाता है।
धन विधेयक से संबंधित अन्य महत्त्वपूर्ण तथ्य:
अनुच्छेद 110 धन विधेयक की विषय-वस्तु निर्धारित करता है।
कोई विधेयक धन विधेयक है अथवा नहीं, इसका अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष करता है।
राज्यसभा को भेजते समय और राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत करते समय लोकसभा अध्यक्ष का प्रमाणपत्र विधेयक पर अंकित किया जाता है।
धन विधेयक पर दोनों सदनों की संयुक्त बैठक नहीं हो सकती।
राष्ट्रपति धन विधेयक को पुनर्विचार के लिए संसद को वापस नहीं भेज सकता।
केवल जुर्माना लगाने, लाइसेंस शुल्क या सेवा-शुल्क की माँग करने अथवा स्थानीय निकाय द्वारा स्थानीय प्रयोजनों के लिए कर लगाने से कोई विधेयक धन विधेयक नहीं बन जाता।