Previous Year Question
भारत के संविधान के अधीन निम्नलिखित विषयों पर विचार कीजिए:
I. सातवीं अनुसूची की सूची I—संघ सूची
II. किसी राज्य की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार
III. राज्यपाल के पद की शर्तें
उपर्युक्त में से किसके संबंध में संविधान संशोधन के लिए विधेयक को भारत के राष्ट्रपति के समक्ष अनुमति के लिए प्रस्तुत करने से पहले कम-से-कम आधे राज्यों के विधानमंडलों द्वारा अनुसमर्थन आवश्यक है?
केवल I और II
केवल II और III
केवल I और III
I, II और III
Correct Answer: A
Detailed Solution
अनुच्छेद 368 के परंतुक में उन संघीय प्रावधानों का उल्लेख है जिनमें संशोधन के लिए संसद के विशेष बहुमत के अतिरिक्त कम-से-कम आधे राज्यों के विधानमंडलों का अनुसमर्थन आवश्यक है।
विषय I सही है। सातवीं अनुसूची की संघ सूची सहित किसी भी सूची में परिवर्तन के लिए राज्यों का अनुसमर्थन आवश्यक है।
सातवीं अनुसूची में तीन सूचियाँ हैं:
सूची I—संघ सूची।
सूची II—राज्य सूची।
सूची III—समवर्ती सूची।
इन सूचियों में संशोधन संघ और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों के वितरण को प्रभावित करता है। इसलिए यह संविधान की संघीय संरचना से जुड़ा विषय है।
विषय II सही है। राज्य की कार्यपालिका शक्ति के विस्तार से संबंधित अनुच्छेद 162 में संशोधन के लिए भी कम-से-कम आधे राज्यों का अनुसमर्थन आवश्यक है। इसी प्रकार संघ की कार्यपालिका शक्ति के विस्तार से संबंधित अनुच्छेद 73 भी इस श्रेणी में आता है।
विषय III गलत है। राज्यपाल के पद की शर्तें अनुच्छेद 158 में दी गई हैं। अनुच्छेद 158 उन प्रावधानों की सूची में शामिल नहीं है जिनमें संशोधन के लिए राज्यों का अनुसमर्थन अनिवार्य है। इसलिए इसमें संशोधन संसद द्वारा अनुच्छेद 368 के विशेष बहुमत से किया जा सकता है।
अनुच्छेद 368 के अंतर्गत राज्यों का अनुसमर्थन आवश्यक होने की प्रक्रिया:
संविधान संशोधन विधेयक संसद के किसी भी सदन में प्रस्तुत किया जा सकता है।
प्रत्येक सदन इसे अलग-अलग विशेष बहुमत से पारित करता है।
आवश्यक विषय होने पर कम-से-कम आधे राज्यों के विधानमंडल इसका अनुसमर्थन करते हैं।
इसके बाद ही विधेयक राष्ट्रपति की अनुमति के लिए प्रस्तुत किया जाता है।
संविधान संशोधन विधेयक पर दोनों सदनों की संयुक्त बैठक का प्रावधान नहीं है।