Previous Year Question
भारत में संसदीय प्रणाली की सरकार है, क्योंकि:
लोक सभा जनता द्वारा प्रत्यक्षतः निर्वाचित होती है
संसद संविधान का संशोधन कर सकती है
राज्य सभा को भंग नहीं किया जा सकता
मंत्रिपरिषद् लोक सभा के प्रति उत्तरदायी है
Correct Answer: D
Detailed Solution
भारत में संसदीय शासन-प्रणाली होने का निर्णायक आधार मंत्रिपरिषद् का लोकसभा के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व है।
संविधान के अनुच्छेद 75(3) के अनुसार मंत्रिपरिषद् लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है। इसका अर्थ है कि सरकार केवल तभी तक पद पर बनी रह सकती है, जब तक उसे लोकसभा का विश्वास प्राप्त है।
संसदीय प्रणाली का संवैधानिक स्वरूप
नाममात्र और वास्तविक कार्यपालिका
राष्ट्रपति संघ का संवैधानिक प्रमुख है।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद् वास्तविक कार्यपालिका है।
अनुच्छेद 74(1) के अनुसार राष्ट्रपति की सहायता और सलाह के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद् होती है।
सामूहिक उत्तरदायित्व
मंत्रिपरिषद् के सभी सदस्य सरकारी नीतियों और निर्णयों के लिए सामूहिक रूप से उत्तरदायी होते हैं।
लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर पूरी मंत्रिपरिषद् को त्यागपत्र देना पड़ता है।
कोई मंत्री मंत्रिमंडल के निर्णय का सार्वजनिक रूप से विरोध करते हुए सामान्यतः पद पर नहीं रह सकता।
कार्यपालिका और विधायिका का संबंध
अनुच्छेद 75(5) के अनुसार कोई मंत्री लगातार छह महीने तक संसद के किसी सदन का सदस्य नहीं रहता, तो वह मंत्री पद पर बना नहीं रह सकता। इससे कार्यपालिका और विधायिका के बीच घनिष्ठ संबंध स्पष्ट होता है।
अन्य विकल्प क्यों सही नहीं हैं?
विकल्प (a): लोकसभा का प्रत्यक्ष निर्वाचन
लोकसभा का प्रत्यक्ष निर्वाचन लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व की विशेषता है, लेकिन केवल इसी से शासन-प्रणाली संसदीय नहीं बनती। अध्यक्षात्मक व्यवस्था में भी विधायिका प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित हो सकती है।
विकल्प (b): संविधान संशोधन की शक्ति
संविधान में संशोधन करने की संसद की शक्ति अनुच्छेद 368 से संबंधित है। यह संसदीय शासन-प्रणाली का निर्णायक आधार नहीं है।
विकल्प (c): राज्यसभा का स्थायी सदन होना
अनुच्छेद 83(1) के अनुसार राज्यसभा का विघटन नहीं होता और उसके लगभग एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दूसरे वर्ष सेवानिवृत्त होते हैं। यह द्विसदनीय विधायिका की विशेषता है, संसदीय शासन का मूल आधार नहीं।
अतिरिक्त तथ्य
केंद्र में संसदीय शासन से संबंधित प्रमुख अनुच्छेद हैं:
अनुच्छेद 74—राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने वाली मंत्रिपरिषद्।
अनुच्छेद 75—मंत्रियों की नियुक्ति, कार्यकाल और सामूहिक उत्तरदायित्व।
अनुच्छेद 77—भारत सरकार के कार्य का संचालन।
अनुच्छेद 78—राष्ट्रपति को जानकारी देने से संबंधित प्रधानमंत्री के कर्तव्य।
राज्यों में इसी प्रकार की संसदीय व्यवस्था का आधार अनुच्छेद 163 और 164 हैं।