JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

POLITY · 2021

Previous Year Question

हमने ब्रिटिश मॉडल पर आधारित संसदीय लोकतंत्र अपनाया है, लेकिन हमारा मॉडल उस मॉडल से किस प्रकार भिन्न है?

  1. विधान के संबंध में ब्रिटिश संसद सर्वोच्च अथवा संप्रभु है, लेकिन भारत में संसद की विधान बनाने की शक्ति परिसीमित है।

  2. भारत में संसद के किसी अधिनियम के संशोधन की संवैधानिकता से संबंधित मामले सर्वोच्च न्यायालय द्वारा संविधान पीठ को भेजे जाते हैं।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

A.

केवल 1

B.

केवल 2

C.

1 और 2 दोनों

D.

न तो 1 और न ही 2

Correct Answer: C

Detailed Solution

कथन 1 सही है

ब्रिटिश संवैधानिक व्यवस्था में संसदीय संप्रभुता का सिद्धांत लागू होता है। परंपरागत रूप से ब्रिटिश संसद कोई कानून बना या समाप्त कर सकती है और न्यायालय संसद द्वारा बनाए गए प्राथमिक कानून को असंवैधानिक घोषित करके निरस्त नहीं कर सकते।

इसके विपरीत भारत में संविधान सर्वोच्च है, संसद नहीं। भारतीय संसद की विधायी शक्ति निम्न संवैधानिक सीमाओं के अधीन है:

  • संसद को संविधान द्वारा निर्धारित विषयों पर ही कानून बनाना होता है।

  • अनुच्छेद 245–246 और सातवीं अनुसूची केंद्र एवं राज्यों की विधायी शक्तियों का वितरण करते हैं।

  • अनुच्छेद 13 के अनुसार मूल अधिकारों के विरुद्ध बना कानून उस असंगति की सीमा तक शून्य हो सकता है।

  • संसद द्वारा बनाए गए कानून न्यायिक पुनर्विलोकन के अधीन हैं।

  • अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संविधान संशोधन की शक्ति भी असीमित नहीं है; संसद संविधान की मूल संरचना को नष्ट नहीं कर सकती।

भारत में इस प्रकार संसदीय शासन के साथ संवैधानिक सर्वोच्चता है।

कथन 2 सही है

संविधान के अनुच्छेद 145(3) के अनुसार संविधान की व्याख्या से संबंधित किसी सारवान विधि-प्रश्न वाले मामले की सुनवाई करने वाली सर्वोच्च न्यायालय की पीठ में कम-से-कम पाँच न्यायाधीश होने चाहिए।

पाँच या अधिक न्यायाधीशों वाली ऐसी पीठ को सामान्यतः संविधान पीठ कहा जाता है। संसद के अधिनियम या संशोधन की संवैधानिकता का प्रश्न जब संविधान की व्याख्या से संबंधित सारवान प्रश्न उत्पन्न करता है, तो उस पर संविधान पीठ विचार करती है।

अनुच्छेद 145(3) के अंतर्गत कम-से-कम पाँच न्यायाधीशों की पीठ निम्नलिखित स्थितियों में आवश्यक होती है:

  • संविधान की व्याख्या से संबंधित सारवान विधि-प्रश्न।

  • अनुच्छेद 143 के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा सर्वोच्च न्यायालय को भेजा गया संदर्भ।

भारतीय और ब्रिटिश मॉडल में प्रमुख अंतर

आधार

भारत

ब्रिटेन

सर्वोच्चता

संविधान की सर्वोच्चता

संसदीय संप्रभुता

संविधान

लिखित एवं विस्तृत

मुख्यतः असंहिताबद्ध

संसद की शक्ति

संविधान द्वारा सीमित

परंपरागत रूप से व्यापक और संप्रभु

न्यायिक पुनर्विलोकन

संसद के कानूनों की संवैधानिक समीक्षा संभव

प्राथमिक संसदीय कानून को सामान्यतः असंवैधानिक घोषित नहीं किया जाता

संघीय व्यवस्था

संघ और राज्यों में शक्तियों का विभाजन

मुख्यतः एकात्मक व्यवस्था

महत्त्वपूर्ण स्पष्टीकरण: अनुच्छेद 143 राष्ट्रपति की परामर्शी संदर्भ शक्ति से संबंधित है। संविधान पीठ की न्यूनतम संख्या का प्रत्यक्ष प्रावधान अनुच्छेद 145(3) में है।

निष्कर्ष: ब्रिटिश संसद संप्रभु है, जबकि भारतीय संसद संविधान द्वारा सीमित है। भारत में संवैधानिक व्याख्या के सारवान प्रश्नों पर कम-से-कम पाँच न्यायाधीशों की संविधान पीठ विचार करती है। इसलिए दोनों कथन सही हैं और उत्तर (c) है।

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