Previous Year Question
उदार लोकतंत्र में निम्नलिखित में से कौन-सा एक कारक स्वतंत्रता का सर्वोत्तम संरक्षण प्रदान करता है?
प्रतिबद्ध न्यायपालिका
शक्तियों का केंद्रीकरण
निर्वाचित सरकार
शक्तियों का पृथक्करण
Correct Answer: D
Detailed Solution
उदार लोकतंत्र में नागरिक स्वतंत्रता की सर्वोत्तम सुरक्षा विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच शक्तियों के पृथक्करण से होती है।
यदि समस्त शक्ति किसी एक व्यक्ति या संस्था में केंद्रित हो जाए, तो उसके दुरुपयोग और निरंकुशता की संभावना बढ़ जाती है। शक्तियों का पृथक्करण प्रत्येक अंग को निर्धारित कार्यक्षेत्र प्रदान करता है और नियंत्रण एवं संतुलन की व्यवस्था स्थापित करता है।
तीन प्रमुख अंगों की भूमिका
विधायिका: कानून बनाती है और कार्यपालिका को उत्तरदायी बनाती है।
कार्यपालिका: कानूनों और सरकारी नीतियों को लागू करती है।
न्यायपालिका: कानून की व्याख्या करती है, अधिकारों की रक्षा करती है और असंवैधानिक सरकारी कार्रवाई की समीक्षा करती है।
भारत में शक्तियों का पृथक्करण
भारतीय संविधान में शक्तियों का पृथक्करण अमेरिकी संविधान की तरह पूर्णतः कठोर नहीं है। भारत में कार्यात्मक पृथक्करण के साथ नियंत्रण और संतुलन की व्यवस्था है।
इसके कुछ संवैधानिक उदाहरण हैं:
अनुच्छेद 50: राज्य को न्यायपालिका को कार्यपालिका से पृथक करने का निर्देश देता है।
अनुच्छेद 13: मूल अधिकारों के विरुद्ध कानून को उस सीमा तक शून्य बनाता है।
अनुच्छेद 32 और 226: सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों को संवैधानिक उपचार एवं रिट जारी करने की शक्ति देते हैं।
अनुच्छेद 121 और 211: न्यायाधीशों के आचरण पर संसद और राज्य विधानमंडल में चर्चा को निर्धारित पदच्युति प्रक्रिया के अतिरिक्त प्रतिबंधित करते हैं।
अनुच्छेद 122 और 212: केवल प्रक्रिया की अनियमितता के आधार पर विधायी कार्यवाहियों को न्यायालय में प्रश्नगत करने से संरक्षण देते हैं।
अन्य विकल्प
प्रतिबद्ध न्यायपालिका
न्यायपालिका का किसी सरकार, दल या विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध होना उसकी स्वतंत्रता और निष्पक्षता को कमजोर कर सकता है। उदार लोकतंत्र के लिए प्रतिबद्ध नहीं, बल्कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष न्यायपालिका आवश्यक है।
शक्तियों का केंद्रीकरण
शक्तियों का केंद्रीकरण नागरिक स्वतंत्रता के लिए जोखिम उत्पन्न करता है, क्योंकि नियंत्रण और संस्थागत उत्तरदायित्व कमजोर हो सकते हैं।
निर्वाचित सरकार
निर्वाचित सरकार लोकतंत्र की आवश्यक विशेषता है, लेकिन केवल चुनाव स्वतंत्रता की पर्याप्त गारंटी नहीं हैं। निर्वाचित सरकार भी संवैधानिक सीमाओं और संस्थागत नियंत्रणों के अभाव में शक्ति का दुरुपयोग कर सकती है।