Previous Year Question
भारत के संविधान के संदर्भ में निम्नलिखित पर विचार कीजिए:
मूल अधिकार
मूल कर्तव्य
राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व
भारत सरकार द्वारा आरंभ किए गए राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम से भारत के संविधान के उपर्युक्त उपबंधों में से कौन-सा/से पूरा होता है/होते हैं?
केवल 1
केवल 3
1 और 3
ये सभी
Correct Answer: B
Detailed Solution
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) राज्य की नीति के निदेशक तत्त्वों, विशेष रूप से अनुच्छेद 41, को कार्यान्वित करने की दिशा में शुरू किया गया सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम है।
अनुच्छेद 41 से संबंध
अनुच्छेद 41 के अनुसार राज्य अपनी आर्थिक क्षमता और विकास की सीमाओं के भीतर निम्नलिखित स्थितियों में सार्वजनिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी प्रावधान करेगा:
बेरोजगारी
वृद्धावस्था
बीमारी
दिव्यांगता
अन्य प्रकार का अभाव, जिसमें सहायता की आवश्यकता व्यक्ति द्वारा स्वयं उत्पन्न न की गई हो
NSAP के अंतर्गत वृद्ध व्यक्तियों, विधवाओं, दिव्यांग व्यक्तियों और कमाने वाले मुख्य सदस्य की मृत्यु से प्रभावित गरीब परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसलिए यह कार्यक्रम अनुच्छेद 41 के उद्देश्यों से प्रत्यक्ष रूप से संबंधित है।
कथनों का परीक्षण
1. मूल अधिकार—पूरा नहीं होता
NSAP एक कल्याणकारी योजना है। यह संविधान के भाग III में उल्लिखित किसी विशिष्ट मूल अधिकार को लागू करने के उद्देश्य से आरंभ नहीं किया गया था। इसके लाभ सामान्यतः योजना की पात्रता और सरकारी दिशा-निर्देशों पर आधारित होते हैं।
2. मूल कर्तव्य—पूरा नहीं होता
मूल कर्तव्य अनुच्छेद 51A के अंतर्गत नागरिकों के कर्तव्य हैं। NSAP नागरिकों से किसी मूल कर्तव्य का पालन नहीं कराता, बल्कि राज्य द्वारा सामाजिक सहायता प्रदान करता है।
3. राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व—पूरा होता है
NSAP राज्य द्वारा वृद्धावस्था, दिव्यांगता, पारिवारिक संकट और अभाव की परिस्थितियों में सार्वजनिक सहायता उपलब्ध कराता है। अतः यह अनुच्छेद 41 को कार्यान्वित करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
अतिरिक्त तथ्य
NSAP को 15 अगस्त 1995 को प्रारम्भ किया गया था।
इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय प्रशासित करता है।
इसके प्रमुख घटकों में वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांगता पेंशन, राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना और अन्नपूर्णा योजना शामिल हैं।
अनुच्छेद 37 के अनुसार निदेशक तत्त्व न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं, लेकिन वे देश के शासन में मूलभूत हैं और कानून बनाते समय उन्हें लागू करना राज्य का कर्तव्य है।
अतः किसी योजना द्वारा निदेशक तत्त्व को पूरा करने का अर्थ उस संवैधानिक लक्ष्य को सरकारी नीति और कार्यक्रम के माध्यम से क्रियान्वित करना है।
निष्कर्ष: राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम केवल राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व, विशेष रूप से अनुच्छेद 41, को पूरा करता है।