Previous Year Question
भारत लाखों निःशक्त व्यक्तियों का घर है। कानून के अंतर्गत उनको प्राप्त लाभ कौन-से हैं?
सरकारी स्कूलों में 18 वर्ष की आयु तक निःशुल्क स्कूली शिक्षा।
व्यवसाय स्थापित करने के लिए भूमि का अधिमानी आवंटन।
सार्वजनिक भवनों में ढालू मार्ग (रैम्प)।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
उपर्युक्त सभी
Correct Answer: D
Detailed Solution
यह प्रश्न उस समय लागू निःशक्त व्यक्ति (समान अवसर, अधिकार संरक्षण और पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 1995 पर आधारित था।
18 वर्ष तक निःशुल्क शिक्षा—सही
अधिनियम की धारा 26 के अनुसार उपयुक्त सरकारों और स्थानीय प्राधिकरणों को प्रत्येक निःशक्त बच्चे के लिए 18 वर्ष की आयु तक उपयुक्त वातावरण में निःशुल्क शिक्षा सुनिश्चित करनी थी।
व्यवसाय के लिए भूमि का अधिमानी आवंटन—सही
धारा 43 में निःशक्त व्यक्तियों को रियायती दरों पर भूमि के अधिमानी आवंटन की योजनाओं का प्रावधान था।
इनमें आवास, व्यवसाय स्थापित करना, विशेष विद्यालय, अनुसंधान केन्द्र और निःशक्त उद्यमियों द्वारा कारखाने स्थापित करना शामिल था।
सार्वजनिक भवनों में रैम्प—सही
धारा 46(d) के अंतर्गत सार्वजनिक भवनों में व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं के लिए रैम्प की व्यवस्था करना आवश्यक था।
वर्तमान कानूनी स्थिति
1995 के अधिनियम को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 ने प्रतिस्थापित कर दिया।
2016 के अधिनियम ने मान्यता प्राप्त दिव्यांगताओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 21 कर दी।
धारा 31 के अनुसार 6–18 वर्ष के बेंचमार्क दिव्यांग बच्चे को निकटवर्ती विद्यालय अथवा अपनी पसंद के विशेष विद्यालय में निःशुल्क शिक्षा का अधिकार है।
धारा 37 में व्यवसाय या उद्यम सहित निर्धारित उद्देश्यों के लिए रियायती भूमि आवंटन की योजनाएँ हैं।
धाराएँ 40–46 भौतिक पर्यावरण, परिवहन, सूचना-संचार और सार्वजनिक सेवाओं की सुगम्यता से संबंधित हैं।
निष्कर्ष: प्रश्न के समय लागू 1995 के अधिनियम में तीनों लाभ उपलब्ध थे।