Previous Year Question
भारत के संविधान में अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि का उल्लेख निम्नलिखित में से किसमें किया गया है?
संविधान की उद्देशिका
राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व
मूल कर्तव्य
नौवीं अनुसूची
Correct Answer: B
Detailed Solution
अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 51 में किया गया है। अनुच्छेद 51 संविधान के भाग IV—राज्य की नीति के निदेशक तत्त्वों का हिस्सा है।
अनुच्छेद 51 राज्य को निम्नलिखित प्रयास करने का निर्देश देता है:
अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि करना।
राष्ट्रों के बीच न्यायसंगत और सम्मानपूर्ण संबंध बनाए रखना।
संगठित लोगों के एक-दूसरे के साथ व्यवहार में अंतर्राष्ट्रीय विधि और संधि-बाध्यताओं के प्रति आदर बढ़ाना।
अंतर्राष्ट्रीय विवादों को माध्यस्थम् द्वारा निपटाने के लिए प्रोत्साहन देना।
यह प्रावधान भारत की विदेश नीति के लिए व्यापक संवैधानिक दिशा प्रदान करता है। इसके पीछे प्रमुख उद्देश्य शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, राष्ट्रों की संप्रभु समानता, विवादों का शांतिपूर्ण समाधान तथा अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति सम्मान है।
अनुच्छेद 51 की संवैधानिक प्रकृति:
यह निदेशक तत्त्व है, इसलिए किसी न्यायालय द्वारा सीधे प्रवर्तनीय नहीं है।
अनुच्छेद 37 के अनुसार यह देश के शासन में मूलभूत है।
सरकार को विदेश नीति और कानून निर्माण में इसके उद्देश्यों को ध्यान में रखना चाहिए।
यह अपने-आप किसी अंतर्राष्ट्रीय संधि को भारत के आंतरिक कानून का हिस्सा नहीं बनाता।
भारत में संधियों के क्रियान्वयन से संबंधित अन्य प्रावधान भी महत्त्वपूर्ण हैं:
अनुच्छेद 253: संसद को किसी अंतर्राष्ट्रीय संधि, समझौते या सम्मेलन को लागू करने के लिए कानून बनाने की शक्ति देता है।
संघ सूची की प्रविष्टि 14: विदेशों के साथ संधि और समझौते करने तथा उनके कार्यान्वयन से संबंधित है।
यदि किसी अंतर्राष्ट्रीय समझौते को लागू करने के लिए भारतीय कानून में परिवर्तन आवश्यक हो, तो सामान्यतः संसद को विधि बनानी होती है।
अन्य विकल्प सही नहीं हैं। उद्देशिका में अंतर्राष्ट्रीय शांति का प्रत्यक्ष उल्लेख नहीं है। मूल कर्तव्य अनुच्छेद 51A में नागरिकों के दायित्व बताते हैं। नौवीं अनुसूची अनुच्छेद 31B से संबंधित कानूनों को निर्दिष्ट संवैधानिक संरक्षण प्रदान करने से जुड़ी है।