JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

POLITY · 2015

Previous Year Question

“भारत की प्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करे और उसे अक्षुण्ण रखे” यह उपबंध किसमें किया गया है?

A.

संविधान की उद्देशिका

B.

राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व

C.

मूल अधिकार

D.

मूल कर्तव्य

Correct Answer: D

Detailed Solution

भारत की प्रभुता, एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने तथा उसकी रक्षा करने का कर्तव्य संविधान के अनुच्छेद 51A(c) में दिया गया है। यह संविधान के भाग IVA में वर्णित मूल कर्तव्यों में से एक है।

इस कर्तव्य के तीन प्रमुख आयाम हैं:

  • प्रभुता: भारत की आंतरिक और बाहरी मामलों में स्वतंत्र निर्णय लेने की सर्वोच्च शक्ति।

  • एकता: भारत के विभिन्न राज्यों, क्षेत्रों और समुदायों का एक राजनीतिक राष्ट्र के रूप में एकीकृत अस्तित्व।

  • अखंडता: भारत की भौगोलिक तथा राजनीतिक सीमाओं की अविभाज्यता और राष्ट्रीय एकीकरण।

अनुच्छेद 51A(c) के अनुसार प्रत्येक भारतीय नागरिक का कर्तव्य है कि वह भारत की प्रभुता, एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखे और उसकी रक्षा करे। यह मूल कर्तव्य केवल भारतीय नागरिकों पर लागू होता है, विदेशियों पर नहीं।

मूल कर्तव्यों से संबंधित प्रमुख तथ्य:

  • मूल संविधान में मूल कर्तव्यों का प्रावधान नहीं था।

  • स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा भाग IVA और अनुच्छेद 51A जोड़ा गया।

  • प्रारंभ में दस मूल कर्तव्य जोड़े गए थे।

  • 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा अनुच्छेद 51A(k) के रूप में ग्यारहवाँ मूल कर्तव्य जोड़ा गया।

  • मूल कर्तव्य सीधे न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं, लेकिन संसद उनसे संबंधित विषयों पर कानून बना सकती है।

प्रभुता और अखंडता की सुरक्षा मूल अधिकारों पर लगाए जाने वाले युक्तियुक्त प्रतिबंधों में भी दिखाई देती है। संविधान के अनुच्छेद 19 के अंतर्गत:

  • अनुच्छेद 19(2) वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भारत की प्रभुता और अखंडता के हित में युक्तियुक्त प्रतिबंध की अनुमति देता है।

  • अनुच्छेद 19(3) शांतिपूर्ण सम्मेलन की स्वतंत्रता पर इसी आधार पर प्रतिबंध की अनुमति देता है।

  • अनुच्छेद 19(4) संगम या संघ बनाने की स्वतंत्रता पर भारत की प्रभुता और अखंडता के हित में प्रतिबंध की अनुमति देता है।

इन आधारों को 16वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1963 द्वारा संविधान में अधिक स्पष्ट रूप से शामिल किया गया था।

अन्य विकल्प:

  • उद्देशिका भारत को संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न घोषित करती है और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता का उल्लेख करती है, लेकिन प्रश्न में दिया गया सटीक कर्तव्य अनुच्छेद 51A(c) में है।

  • निदेशक तत्त्व राज्य के लिए नीतिगत निर्देश हैं।

  • मूल अधिकार नागरिकों और व्यक्तियों को राज्य के विरुद्ध संवैधानिक संरक्षण प्रदान करते हैं।

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