Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सही है?
अधिकार नागरिकों के विरुद्ध राज्य के दावे हैं।
अधिकार वे विशेषाधिकार हैं जो किसी राज्य के संविधान में समाविष्ट हैं।
अधिकार राज्य के विरुद्ध नागरिकों के दावे हैं।
अधिकार अधिकांश लोगों के विरुद्ध कुछ नागरिकों के विशेषाधिकार हैं।
Correct Answer: C
Detailed Solution
अधिकार व्यक्तियों अथवा नागरिकों के ऐसे न्यायोचित और मान्य दावे हैं जिन्हें समाज स्वीकार करता है और राज्य कानून के माध्यम से मान्यता एवं संरक्षण प्रदान करता है। संवैधानिक लोकतंत्र में अधिकार मुख्यतः नागरिकों को राज्य की मनमानी से सुरक्षा देते हैं और राज्य से कुछ आवश्यक कार्य करने की माँग करने का आधार प्रदान करते हैं।
इसलिए अधिकार राज्य के विरुद्ध नागरिकों के दावे हैं।
अधिकारों में सामान्यतः दो प्रकार के दावे सम्मिलित होते हैं:
नकारात्मक दावा: राज्य व्यक्ति की स्वतंत्रता में अनुचित हस्तक्षेप न करे; जैसे अभिव्यक्ति अथवा आवागमन की स्वतंत्रता।
सकारात्मक दावा: राज्य अधिकारों के वास्तविक उपयोग के लिए संस्थाएँ, सुरक्षा या सुविधाएँ उपलब्ध कराए; जैसे न्यायिक उपचार और निःशुल्क प्राथमिक शिक्षा।
विकल्पों का परीक्षण:
विकल्प (a) गलत है। राज्य के पास नागरिकों के विरुद्ध संवैधानिक और वैधानिक शक्तियाँ हो सकती हैं, लेकिन इन्हें नागरिक अधिकार नहीं कहा जाता। नागरिकों पर कर्तव्य और कानूनी दायित्व हो सकते हैं।
विकल्प (b) गलत है। अधिकार विशेषाधिकार नहीं हैं। विशेषाधिकार किसी सीमित व्यक्ति या समूह को प्राप्त विशेष लाभ हो सकता है, जबकि अधिकार समानता, गरिमा और न्याय पर आधारित मान्य दावे हैं। सभी अधिकारों का संविधान में लिखा होना भी आवश्यक नहीं; कुछ अधिकार सामान्य कानूनों से प्राप्त होते हैं।
विकल्प (c) सही है। नागरिक अपने अधिकारों के आधार पर राज्य से अनुचित हस्तक्षेप रोकने, समान व्यवहार करने और आवश्यक संवैधानिक दायित्व निभाने की माँग कर सकते हैं।
विकल्प (d) गलत है। अधिकार कुछ लोगों के अधिकांश समाज के विरुद्ध विशेष लाभ नहीं हैं। अधिकारों का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति की स्वतंत्रता, समानता और गरिमा की रक्षा करना है।
भारतीय संविधान में इसके उदाहरण हैं:
अनुच्छेद 14 राज्य से विधि के समक्ष समता की माँग का आधार देता है।
अनुच्छेद 19 नागरिकों को निर्दिष्ट स्वतंत्रताएँ देता है।
अनुच्छेद 21 प्रत्येक व्यक्ति के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करता है।
अनुच्छेद 32 नागरिकों और व्यक्तियों को मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए सर्वोच्च न्यायालय जाने का अधिकार देता है।
यह भी ध्यान रखना चाहिए कि सभी मूल अधिकार केवल नागरिकों को नहीं दिए गए हैं। अनुच्छेद 14 और 21 जैसे अधिकार सभी व्यक्तियों को उपलब्ध हैं, जबकि अनुच्छेद 19 केवल नागरिकों को प्राप्त है। इसके अतिरिक्त, अनुच्छेद 15(2), 17, 23 और 24 जैसे कुछ अधिकार निजी व्यक्तियों के विरुद्ध भी लागू हो सकते हैं।
अतः दिए गए विकल्पों में सही कथन है कि अधिकार राज्य के विरुद्ध नागरिकों के दावे हैं।