JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

POLITY · 2018

Previous Year Question

निजता का अधिकार, जीवन के अधिकार एवं दैहिक स्वतंत्रता के अधिकार के अंतर्भूत भाग के रूप में संरक्षित है। भारत के संविधान में निम्नलिखित में से किससे उपर्युक्त कथन सही एवं समुचित ढंग से अर्थित होता है?

A.

अनुच्छेद 14 एवं संविधान के 42वें संशोधन के अधीन उपबंध

B.

अनुच्छेद 17 एवं भाग IV में दिए राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व

C.

अनुच्छेद 21 एवं भाग III में गारंटी की गई स्वतंत्रताएँ

D.

अनुच्छेद 24 एवं संविधान के 44वें संशोधन के अधीन उपबंध

Correct Answer: C

Detailed Solution

सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायमूर्ति के. एस. पुट्टस्वामी (सेवानिवृत्त) बनाम भारत संघ (2017) में सर्वसम्मति से निर्णय दिया कि निजता का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अभिन्न भाग है। यह संविधान के भाग III में दी गई अन्य स्वतंत्रताओं और अधिकारों से भी जुड़ा है।

नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने स्पष्ट किया कि निजता व्यक्ति की गरिमा, स्वायत्तता और स्वतंत्रता की आवश्यक शर्त है। इस निर्णय ने उन पुराने न्यायिक मतों को अस्वीकार कर दिया जिनमें निजता को संवैधानिक रूप से संरक्षित अधिकार नहीं माना गया था।

निजता के प्रमुख आयाम हैं:

  • शारीरिक निजता: व्यक्ति का अपने शरीर और शारीरिक अखंडता पर नियंत्रण।

  • निर्णयात्मक निजता: विवाह, परिवार, प्रजनन, भोजन, आस्था और जीवनशैली जैसे व्यक्तिगत निर्णय।

  • सूचनात्मक निजता: व्यक्तिगत सूचना और डेटा के संग्रह, प्रयोग तथा प्रसार पर नियंत्रण।

  • स्थानिक निजता: घर तथा अन्य निजी स्थानों में अनुचित हस्तक्षेप से सुरक्षा।

  • संचार की निजता: व्यक्तिगत पत्राचार और संचार की गोपनीयता।

निजता केवल अनुच्छेद 21 तक पृथक रूप से सीमित नहीं है। यह भाग III के अनेक प्रावधानों से संबद्ध है:

  • अनुच्छेद 14 मनमानी राज्य कार्रवाई के विरुद्ध संरक्षण देता है।

  • अनुच्छेद 19 विचार, अभिव्यक्ति, आवागमन, संगम और अन्य स्वतंत्रताओं की रक्षा करता है।

  • अनुच्छेद 20(3) किसी अभियुक्त को स्वयं अपने विरुद्ध साक्षी बनने के लिए बाध्य किए जाने से बचाता है।

  • अनुच्छेद 21 जीवन, व्यक्तिगत स्वतंत्रता, गरिमा और स्वायत्तता की रक्षा करता है।

  • अनुच्छेद 25 अंतःकरण और धर्म के स्वतंत्र आचरण का संरक्षण करता है।

निजता का अधिकार निरपेक्ष नहीं है। राज्य द्वारा इसमें हस्तक्षेप के लिए सामान्यतः कानून का आधार, वैध सरकारी उद्देश्य, आवश्यकता, आनुपातिकता और दुरुपयोग के विरुद्ध उचित प्रक्रियात्मक सुरक्षा आवश्यक होती है।

विकल्प (a) में अनुच्छेद 14 का निजता से संबंध हो सकता है, लेकिन 42वें संशोधन के साथ दिया गया संयोजन सही नहीं है। अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता, अनुच्छेद 24 बाल श्रम और 44वाँ संशोधन मुख्यतः संपत्ति के अधिकार सहित अन्य संवैधानिक परिवर्तनों से संबंधित है।

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