JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

POLITY · 2018

Previous Year Question

निम्नलिखित में से कौन-सा विधि और स्वतंत्रता के बीच सबसे उपयुक्त संबंध को दर्शाता है?

A.

यदि विधियाँ अधिक होती हैं, तो स्वतंत्रता कम होती है।

B.

यदि विधियाँ नहीं हैं, तो स्वतंत्रता भी नहीं है।

C.

यदि स्वतंत्रता है, तो विधियों का निर्माण जनता को करना होगा।

D.

यदि विधियों में अत्यधिक परिवर्तन किया जाता है, तो स्वतंत्रता खतरे में पड़ जाती है।

Correct Answer: B

Detailed Solution

विधि और स्वतंत्रता परस्पर विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। न्यायपूर्ण विधियाँ प्रत्येक व्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा निर्धारित करती हैं और उसे दूसरे व्यक्तियों, निजी शक्तियों तथा राज्य की मनमानी से संरक्षण देती हैं। इसलिए विधि के अभाव में वास्तविक स्वतंत्रता सुरक्षित नहीं रह सकती।

विकल्प (a) गलत है। कानूनों की संख्या और स्वतंत्रता के बीच कोई सीधा गणितीय संबंध नहीं है। अनेक कानून स्वतंत्रता की रक्षा कर सकते हैं, जबकि कोई एक दमनकारी कानून स्वतंत्रता को गंभीर रूप से सीमित कर सकता है। कानूनों की संख्या के बजाय उनकी प्रकृति और उद्देश्य महत्त्वपूर्ण हैं।

विकल्प (b) सही है। कानून व्यक्ति के जीवन, संपत्ति, गरिमा और अधिकारों की रक्षा करता है। विधि के अभाव में शक्तिशाली व्यक्ति कमजोर व्यक्तियों की स्वतंत्रता का अतिक्रमण कर सकते हैं। ऐसी स्थिति स्वतंत्रता नहीं, बल्कि अराजकता उत्पन्न करती है।

विकल्प (c) गलत है। लोकतंत्र में निर्वाचित प्रतिनिधि जनता की ओर से कानून बनाते हैं। प्रत्यक्ष रूप से प्रत्येक कानून का निर्माण सभी लोगों द्वारा किया जाना स्वतंत्रता की अनिवार्य शर्त नहीं है।

विकल्प (d) गलत है। कानूनों में अत्यधिक और अप्रत्याशित परिवर्तन कानूनी निश्चितता को कमजोर कर सकते हैं, लेकिन प्रत्येक परिवर्तन स्वतंत्रता के लिए खतरा नहीं होता। कई बार कानूनों में परिवर्तन पुराने अन्याय को समाप्त करने और नागरिक स्वतंत्रताओं का विस्तार करने के लिए आवश्यक होता है।

विधि द्वारा संरक्षित स्वतंत्रता के लिए कानून में कुछ गुण आवश्यक हैं:

  • कानून सार्वजनिक, स्पष्ट और सामान्य रूप से लागू होने वाला हो।

  • कानून मनमाना या भेदभावपूर्ण न हो।

  • सभी व्यक्तियों और सरकारी अधिकारियों पर कानून लागू हो।

  • अधिकारों पर लगाए गए प्रतिबंध युक्तियुक्त और संवैधानिक हों।

  • कानून के उल्लंघन अथवा सत्ता के दुरुपयोग के विरुद्ध स्वतंत्र न्यायालय उपलब्ध हों।

भारतीय संविधान में अनुच्छेद 19 स्वतंत्रताएँ प्रदान करता है, लेकिन साथ ही निर्दिष्ट आधारों पर युक्तियुक्त प्रतिबंधों की अनुमति देता है। अनुच्छेद 14 मनमानी के विरुद्ध सुरक्षा देता है और अनुच्छेद 21 के अंतर्गत व्यक्ति को विधि द्वारा स्थापित न्यायसंगत प्रक्रिया के बिना जीवन या व्यक्तिगत स्वतंत्रता से वंचित नहीं किया जा सकता।

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