Previous Year Question
राजनीति के संदर्भ में, निम्नलिखित में से स्वतंत्रता की सर्वाधिक उपयुक्त परिभाषा कौन-सी है?
राजनीतिक शासकों की निरंकुशता के विरुद्ध संरक्षण
प्रतिबंध का अभाव
इच्छानुसार कुछ भी करने का अवसर
स्वयं का पूर्ण विकास करने का अवसर
Correct Answer: D
Detailed Solution
राजनीतिक सिद्धांत में स्वतंत्रता का सर्वाधिक उपयुक्त अर्थ केवल प्रतिबंधों का अभाव नहीं, बल्कि ऐसी परिस्थितियों और अवसरों की उपलब्धता है जिनमें व्यक्ति अपने व्यक्तित्व तथा क्षमताओं का पूर्ण विकास कर सके। इसलिए विकल्प (d) सही है।
स्वतंत्रता के दो प्रमुख पक्ष समझे जाते हैं:
नकारात्मक स्वतंत्रता: राज्य अथवा अन्य व्यक्तियों के अनुचित हस्तक्षेप और मनमाने प्रतिबंधों का अभाव।
सकारात्मक स्वतंत्रता: शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, समान अवसर और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, जिनसे व्यक्ति वास्तविक रूप से अपनी क्षमताओं का विकास कर सके।
केवल कानूनी प्रतिबंध का न होना पर्याप्त नहीं है। उदाहरण के लिए, किसी व्यक्ति को शिक्षा प्राप्त करने से कानूनी रूप से न रोका जाए, लेकिन उसके पास विद्यालय, आर्थिक साधन अथवा सामाजिक अवसर ही उपलब्ध न हों, तो उसकी स्वतंत्रता केवल औपचारिक रह जाएगी।
विकल्पों का परीक्षण:
विकल्प (a) अपूर्ण है। राजनीतिक शासकों की निरंकुशता से सुरक्षा स्वतंत्रता का महत्त्वपूर्ण भाग है, लेकिन स्वतंत्रता इसी तक सीमित नहीं है।
विकल्प (b) अपूर्ण है। सभी प्रतिबंधों का अभाव स्वतंत्रता नहीं हो सकता। सामाजिक जीवन में दूसरों के अधिकारों, सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा के लिए उचित प्रतिबंध आवश्यक होते हैं।
विकल्प (c) गलत है। इच्छानुसार कुछ भी करने की छूट स्वतंत्रता नहीं, बल्कि स्वेच्छाचारिता या अनुज्ञप्ति है। व्यक्ति की स्वतंत्रता वहीं तक स्वीकार्य है जहाँ वह दूसरों के अधिकारों को क्षति न पहुँचाए।
विकल्प (d) सही है। वास्तविक स्वतंत्रता व्यक्ति को अपनी बुद्धि, प्रतिभा, व्यक्तित्व और क्षमताओं के पूर्ण विकास का अवसर प्रदान करती है।
भारतीय संविधान में स्वतंत्रता की यही संतुलित अवधारणा दिखाई देती है:
उद्देशिका विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता घोषित करती है।
अनुच्छेद 19 नागरिकों को वाक् और अभिव्यक्ति, शांतिपूर्ण सम्मेलन, संगम, आवागमन, निवास और व्यवसाय की स्वतंत्रताएँ देता है।
ये स्वतंत्रताएँ निरपेक्ष नहीं हैं; संविधान सार्वजनिक व्यवस्था, सुरक्षा, नैतिकता और अन्य वैध उद्देश्यों के लिए युक्तियुक्त प्रतिबंधों की अनुमति देता है।
अनुच्छेद 21 गरिमापूर्ण जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करता है।
निदेशक तत्त्व ऐसी सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियाँ विकसित करने का लक्ष्य रखते हैं जिनमें स्वतंत्रता का वास्तविक उपयोग संभव हो।