Previous Year Question
भारत के संविधान के निम्नलिखित अनुच्छेदों में से किसके अधीन भारत के उच्चतम न्यायालय ने निजता के अधिकार को रखा है?
अनुच्छेद 15
अनुच्छेद 16
अनुच्छेद 19
अनुच्छेद 21
Correct Answer: D
Detailed Solution
उच्चतम न्यायालय ने के. एस. पुट्टस्वामी (सेवानिवृत्त) बनाम भारत संघ, 2017 में सर्वसम्मति से निर्णय दिया कि निजता का अधिकार एक मूल अधिकार है। इसे मुख्यतः अनुच्छेद 21 में संरक्षित जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का अभिन्न अंग माना गया।
अनुच्छेद 21 कहता है कि किसी व्यक्ति को उसके प्राण या दैहिक स्वतंत्रता से विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अनुसार ही वंचित किया जा सकता है। इसमें “व्यक्ति” शब्द प्रयुक्त हुआ है; इसलिए इसका संरक्षण केवल भारतीय नागरिकों तक सीमित नहीं है।
न्यायालय के अनुसार निजता के अधिकार में निम्न पक्ष शामिल हैं:
शारीरिक निजता: व्यक्ति के शरीर और शारीरिक अखंडता पर नियंत्रण।
निर्णयात्मक निजता: विवाह, परिवार, प्रजनन और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े निर्णय लेने की स्वतंत्रता।
सूचनात्मक निजता: व्यक्तिगत सूचनाओं के संग्रह, उपयोग और प्रकटीकरण पर नियंत्रण।
स्थानिक निजता: घर और निजी स्थानों में अनुचित हस्तक्षेप से सुरक्षा।
व्यक्तिगत स्वायत्तता एवं गरिमा: अपने व्यक्तित्व, पहचान और जीवन-पद्धति का स्वतंत्र विकास।
पुट्टस्वामी निर्णय नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 24 अगस्त, 2017 को दिया था। इसने एम. पी. शर्मा मामले और खड़क सिंह मामले के उन पुराने निष्कर्षों को अस्वीकार कर दिया जिनसे यह संकेत मिलता था कि संविधान निजता को मूल अधिकार के रूप में संरक्षित नहीं करता।
निजता का अधिकार निरपेक्ष नहीं है। राज्य द्वारा इसमें किया गया हस्तक्षेप सामान्यतः निम्न कसौटियों पर खरा उतरना चाहिए:
हस्तक्षेप का स्पष्ट विधिक आधार हो।
उसका वैध राज्य उद्देश्य हो।
अपनाया गया उपाय उस उद्देश्य के अनुपात में हो।
मनमानी और दुरुपयोग रोकने के लिए पर्याप्त प्रक्रियात्मक सुरक्षा हो।
यद्यपि निजता का संबंध अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 19 से भी हो सकता है, प्रश्न में दिए गए विकल्पों में इसका मुख्य संवैधानिक आधार अनुच्छेद 21 है।
अन्य अनुच्छेदों का विषय:
अनुच्छेद 15—धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर विभेद का प्रतिषेध।
अनुच्छेद 16—लोक नियोजन में अवसर की समानता।
अनुच्छेद 19—नागरिकों की छह स्वतंत्रताओं का संरक्षण।