JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

POLITY · 2021

Previous Year Question

भारत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. भारत में केवल एक ही नागरिकता और एक ही अधिवास है।

  2. केवल जन्म से नागरिक ही राज्य का प्रमुख बन सकता है।

  3. किसी विदेशी को एक बार नागरिकता प्रदान किए जाने के बाद किसी भी परिस्थिति में इससे वंचित नहीं किया जा सकता।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

A.

केवल 1

B.

केवल 2

C.

1 और 3

D.

2 और 3

Correct Answer: A

Detailed Solution

कथन 1 सही है। भारत में संघ और राज्यों के लिए अलग-अलग नागरिकता के स्थान पर एकल भारतीय नागरिकता की व्यवस्था है। इसी प्रकार संवैधानिक दृष्टि से अलग-अलग राज्यों का स्वतंत्र अधिवास नहीं, बल्कि भारत का एक अधिवास माना जाता है।

राज्य सरकारों द्वारा शिक्षा, रोजगार अथवा कल्याणकारी योजनाओं के लिए जारी किए जाने वाले domicile या residence certificates अलग राज्य नागरिकता प्रदान नहीं करते। अनुच्छेद 16(3) के अनुसार केवल संसद किसी राज्य या संघ राज्य क्षेत्र में सार्वजनिक रोजगार के लिए निवास संबंधी शर्त निर्धारित कर सकती है।

कथन 2 गलत है। भारत में राज्य का संवैधानिक प्रमुख राष्ट्रपति है। अनुच्छेद 58 के अनुसार राष्ट्रपति बनने के लिए व्यक्ति को:

  • भारत का नागरिक होना चाहिए।

  • कम-से-कम 35 वर्ष की आयु पूरी करनी चाहिए।

  • लोकसभा का सदस्य निर्वाचित होने की योग्यता रखनी चाहिए।

  • भारत सरकार, किसी राज्य सरकार अथवा उनके नियंत्रण वाले प्राधिकरण के अधीन लाभ का पद धारण नहीं करना चाहिए।

संविधान यह शर्त नहीं लगाता कि राष्ट्रपति केवल जन्म से भारतीय नागरिक ही बन सकता है। पंजीकरण अथवा देशीयकरण द्वारा भारतीय नागरिक बना व्यक्ति भी अन्य संवैधानिक योग्यताएँ पूरी करने पर राष्ट्रपति पद के लिए पात्र हो सकता है।

कथन 3 गलत है। नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 10 के अंतर्गत केंद्र सरकार पंजीकरण या देशीयकरण द्वारा प्राप्त नागरिकता से किसी व्यक्ति को वंचित कर सकती है। इसके प्रमुख आधार हैं:

  • नागरिकता धोखे, मिथ्या अभ्यावेदन अथवा महत्त्वपूर्ण तथ्य छिपाकर प्राप्त की गई हो।

  • व्यक्ति ने संविधान के प्रति अनिष्ठा दिखाई हो।

  • युद्ध के दौरान शत्रु की सहायता या उससे गैर-कानूनी व्यापार अथवा संपर्क किया हो।

  • पंजीकरण या देशीयकरण के पाँच वर्षों के भीतर किसी देश में कम-से-कम दो वर्ष के कारावास की सजा हुई हो।

  • व्यक्ति निर्धारित अपवादों को छोड़कर लगातार सात वर्षों तक भारत से बाहर रहा हो।

ऐसा आदेश देने से पहले केंद्र सरकार को यह भी संतुष्ट होना आवश्यक है कि नागरिकता से वंचित करना लोकहित के अनुकूल है। अधिनियम की धारा 8 नागरिकता के परित्याग और धारा 9 स्वेच्छा से किसी अन्य देश की नागरिकता ग्रहण करने पर भारतीय नागरिकता की समाप्ति से संबंधित है।

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