Previous Year Question
भारत सरकार अधिनियम, 1935 में अंतर्विष्ट ‘अनुदेश-प्रपत्र’ (Instrument of Instructions) को वर्ष 1950 में भारत के संविधान में किस रूप में समाविष्ट किया गया?
मूल अधिकार
राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व
राज्य की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार
भारत सरकार के कार्य का संचालन
Correct Answer: B
Detailed Solution
भारत सरकार अधिनियम, 1935 की धारा 13 में गवर्नर-जनरल तथा धारा 53 में प्रांतीय गवर्नरों के लिए अनुदेश-प्रपत्र जारी करने की व्यवस्था थी। ये संवैधानिक पदाधिकारियों को शासन चलाने और अपने विशेष उत्तरदायित्वों का निर्वहन करने के लिए निर्देश देते थे।
स्वतंत्र भारत में इसी प्रकार के शासन-संबंधी निर्देशों को संविधान के भाग IV में राज्य की नीति के निदेशक तत्त्वों—अनुच्छेद 36 से 51—के रूप में संवैधानिक स्थान दिया गया।
अनुच्छेद 37 के अनुसार निदेशक तत्त्व किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं, परंतु वे देश के शासन में मूलभूत हैं। कानून बनाते समय इन तत्त्वों को लागू करना राज्य का कर्तव्य है।
इनका उद्देश्य सामाजिक एवं आर्थिक लोकतंत्र और कल्याणकारी राज्य स्थापित करना है। उदाहरणतः:
अनुच्छेद 38—लोककल्याण हेतु सामाजिक व्यवस्था।
अनुच्छेद 39—संसाधनों का न्यायपूर्ण वितरण तथा समान कार्य के लिए समान वेतन।
अनुच्छेद 40—ग्राम पंचायतों का संगठन।
अनुच्छेद 46—अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और कमजोर वर्गों के हितों की रक्षा।
अनुच्छेद 47—पोषण स्तर और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार।
अनुच्छेद 48A—पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण।
अनुच्छेद 50—न्यायपालिका को कार्यपालिका से पृथक करना।
अनुच्छेद 51—अंतरराष्ट्रीय शांति को प्रोत्साहन।
अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि मूल अधिकार भाग III में हैं, राज्य की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार अनुच्छेद 162 से और भारत सरकार के कार्य-संचालन का विषय अनुच्छेद 77 से संबंधित है।