Previous Year Question
भारतीय संविधान में केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का वितरण इनमें से किसमें दी गई योजना पर आधारित है?
मॉर्ले-मिंटो सुधार, 1909
मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड अधिनियम, 1919
भारत सरकार अधिनियम, 1935
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947
Correct Answer: C
Detailed Solution
भारतीय संविधान में केंद्र और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों के वितरण की योजना मुख्यतः भारत सरकार अधिनियम, 1935 में दी गई संघीय व्यवस्था पर आधारित है। इसलिए विकल्प (c) सही है।
भारत सरकार अधिनियम, 1935 ने विधायी विषयों को तीन सूचियों में विभाजित किया था:
संघीय विधायी सूची: पूरे ब्रिटिश भारत या संघीय महत्त्व के विषय।
प्रांतीय विधायी सूची: मुख्यतः प्रांतीय प्रशासन से संबंधित विषय।
समवर्ती विधायी सूची: ऐसे विषय जिन पर संघीय और प्रांतीय विधानमंडल दोनों कानून बना सकते थे।
अधिनियम ने संघीय सूची में 59, प्रांतीय सूची में 54 और समवर्ती सूची में 36 विषय रखे थे। समवर्ती विषय पर संघीय और प्रांतीय कानून में टकराव होने पर सामान्यतः संघीय कानून को प्राथमिकता प्राप्त होती थी।
अधिनियम ने प्रांतों में द्वैध शासन समाप्त करके प्रांतीय स्वायत्तता स्थापित की। इसके विपरीत, केंद्र में द्वैध शासन लागू करने का प्रस्ताव किया गया था। हालाँकि, देशी रियासतों के संघ में सम्मिलित न होने के कारण प्रस्तावित अखिल भारतीय संघ अस्तित्व में नहीं आया।
भारत के वर्तमान संविधान ने इसी त्रिसूची व्यवस्था को अधिक विकसित रूप में अपनाया है। संविधान के अनुच्छेद 246 और सातवीं अनुसूची में विधायी विषयों का वितरण किया गया है:
सूची-I—संघ सूची;
सूची-II—राज्य सूची;
सूची-III—समवर्ती सूची।
अनुच्छेद 246(1) के अंतर्गत संघ सूची के विषयों पर संसद को अनन्य विधायी शक्ति प्राप्त है। अनुच्छेद 246(3) राज्य सूची के विषयों पर राज्यों को सामान्यतः अनन्य शक्ति देता है। समवर्ती सूची पर संसद और राज्य विधानमंडल दोनों कानून बना सकते हैं।
वर्तमान संविधान और 1935 के अधिनियम में एक महत्त्वपूर्ण अंतर अवशिष्ट शक्तियों का है। वर्ष 1935 के अधिनियम में अवशिष्ट विषयों का आवंटन गवर्नर जनरल के विवेक पर निर्भर था। वर्तमान संविधान के अनुच्छेद 248 तथा संघ सूची की प्रविष्टि 97 के अंतर्गत अवशिष्ट विधायी शक्तियाँ संसद को दी गई हैं।
विकल्प (a) गलत है। मॉर्ले-मिंटो सुधार, 1909 मुख्यतः विधान परिषदों के विस्तार और पृथक निर्वाचक मंडल से संबंधित थे; इनमें शक्तियों की त्रिसूची व्यवस्था नहीं थी।
विकल्प (b) गलत है। वर्ष 1919 के सुधारों ने प्रांतों में द्वैध शासन लागू किया और प्रांतीय विषयों को आरक्षित तथा हस्तांतरित विषयों में बाँटा, लेकिन वर्तमान संविधान की त्रिसूची व्यवस्था का प्रत्यक्ष आधार वर्ष 1935 का अधिनियम है।
विकल्प (d) गलत है। भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 ने भारत और पाकिस्तान को स्वतंत्र डोमिनियन बनाया और ब्रिटिश शासन समाप्त किया; उसने वर्तमान केंद्र-राज्य विधायी वितरण की योजना प्रस्तुत नहीं की।