Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
संवैधानिक सरकार वह है जो—
राज्य की सत्ता के हित में व्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रभावकारी प्रतिबंध लगाती है।
व्यक्ति की स्वतंत्रता के हित में राज्य की सत्ता पर प्रभावकारी प्रतिबंध लगाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1, न ही 2
Correct Answer: B
Detailed Solution
संवैधानिक सरकार का मूल अर्थ सीमित सरकार है—अर्थात ऐसी सरकार जिसकी शक्तियाँ संविधान द्वारा निर्धारित और नियंत्रित होती हैं। इसलिए कथन 2 सही है।
कथन 1 सही नहीं है। संवैधानिक सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य की सत्ता को बढ़ाने के लिए व्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रतिबंधित करना नहीं होता। यदि राज्य की सत्ता को व्यक्ति की स्वतंत्रता पर मनमाने प्रतिबंध लगाने का अधिकार मिल जाए, तो सरकार संवैधानिक होने के स्थान पर निरंकुश हो सकती है।
इसका यह अर्थ नहीं है कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता असीमित होती है। संविधान सार्वजनिक व्यवस्था, राज्य की सुरक्षा, नैतिकता, शिष्टाचार और सामान्य जनहित जैसे आधारों पर युक्तियुक्त प्रतिबंधों की अनुमति देता है। लेकिन ये प्रतिबंध:
संविधान और विधि पर आधारित होने चाहिए;
वैध सार्वजनिक उद्देश्य के लिए होने चाहिए;
मनमाने या अत्यधिक नहीं होने चाहिए;
न्यायिक पुनर्विलोकन के अधीन होने चाहिए।
उदाहरण के लिए, अनुच्छेद 19 नागरिकों को विभिन्न स्वतंत्रताएँ देता है, लेकिन उन्हीं अनुच्छेदों में निर्दिष्ट आधारों पर युक्तियुक्त प्रतिबंध लगाने की अनुमति भी देता है। इसलिए संविधान व्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक हितों के बीच संतुलन स्थापित करता है, न कि राज्य की सत्ता को अपने आप में सर्वोच्च बनाता है।
कथन 2 सही है। संवैधानिक सरकार राज्य की सत्ता पर प्रभावकारी प्रतिबंध लगाकर व्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करती है। भारत के संविधान में यह नियंत्रण कई माध्यमों से स्थापित किया गया है।
अनुच्छेद 13 मौलिक अधिकारों से असंगत विधियों को उल्लंघन की सीमा तक शून्य करता है। अनुच्छेद 14 राज्य की मनमानी के विरुद्ध विधि के समक्ष समता और विधियों के समान संरक्षण की गारंटी देता है। अनुच्छेद 21 के अनुसार किसी व्यक्ति को उसके प्राण या दैहिक स्वतंत्रता से केवल विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अनुसार ही वंचित किया जा सकता है।
अनुच्छेद 32 और 226 क्रमशः उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों को संवैधानिक उपचार तथा रिट जारी करने की शक्ति देते हैं। इससे कार्यपालिका और विधायिका की कार्रवाइयाँ न्यायिक समीक्षा के अधीन रहती हैं।
संवैधानिक सरकार की प्रमुख विशेषताओं में संविधान की सर्वोच्चता, विधि का शासन, मौलिक अधिकार, शक्तियों का विभाजन, स्वतंत्र न्यायपालिका, उत्तरदायी सरकार और न्यायिक पुनर्विलोकन सम्मिलित हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य सरकारी सत्ता को वैधानिक सीमाओं में रखना है।