JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

POLITY · 2018

Previous Year Question

भारत सरकार अधिनियम, 1935 द्वारा स्थापित संघ में अवशिष्ट शक्तियाँ किसे दी गई थीं?

A.

संघीय विधानमंडल

B.

गवर्नर जनरल

C.

प्रांतीय विधानमंडल

D.

प्रांतीय गवर्नर

Correct Answer: B

Detailed Solution

भारत सरकार अधिनियम, 1935 के अंतर्गत अवशिष्ट विधायी शक्तियाँ गवर्नर जनरल को दी गई थीं। इसलिए विकल्प (b) सही है।

अधिनियम ने विधायी विषयों को तीन सूचियों में विभाजित किया था:

  • संघीय सूची में मुख्यतः केंद्र से संबंधित विषय थे।

  • प्रांतीय सूची में प्रांतीय सरकारों से संबंधित विषय थे।

  • समवर्ती सूची के विषयों पर संघीय और प्रांतीय—दोनों विधानमंडल कानून बना सकते थे।

लेकिन इन तीनों सूचियों में सम्मिलित नहीं किए गए विषयों पर कानून बनाने का अधिकार सीधे संघीय अथवा प्रांतीय विधानमंडल को नहीं दिया गया था।

भारत सरकार अधिनियम, 1935 की धारा 104 के अनुसार यदि कोई विषय संघीय सूची, प्रांतीय सूची या समवर्ती सूची में सम्मिलित नहीं था, तो गवर्नर जनरल अपने विवेक से सार्वजनिक अधिसूचना द्वारा संघीय विधानमंडल अथवा किसी प्रांतीय विधानमंडल को उस विषय पर कानून बनाने की शक्ति प्रदान कर सकता था।

इस व्यवस्था का अर्थ यह था कि गवर्नर जनरल स्वयं सामान्य विधायिका की तरह कानून नहीं बनाता था। उसके पास यह निर्धारित करने की अवशिष्ट शक्ति थी कि असूचीबद्ध विषय पर कानून बनाने का अधिकार संघीय विधानमंडल को दिया जाए अथवा प्रांतीय विधानमंडल को।

यह व्यवस्था वर्तमान भारतीय संविधान से भिन्न थी। वर्तमान संविधान के अनुच्छेद 248 और संघ सूची की प्रविष्टि 97 के अंतर्गत अवशिष्ट विधायी शक्तियाँ संसद को प्राप्त हैं। इनमें ऐसा कर लगाने की शक्ति भी सम्मिलित है जिसका उल्लेख राज्य सूची या समवर्ती सूची में नहीं है।

विकल्प (a) सही नहीं है, क्योंकि संघीय विधानमंडल को असूचीबद्ध विषय पर स्वतः कानून बनाने की शक्ति प्राप्त नहीं थी। वह गवर्नर जनरल द्वारा अधिकृत किए जाने पर ही ऐसा कर सकता था।

विकल्प (c) सही नहीं है, क्योंकि प्रांतीय विधानमंडल को भी अवशिष्ट विषयों पर स्वतः विधायी अधिकार नहीं था।

विकल्प (d) सही नहीं है, क्योंकि यह शक्ति प्रांतीय गवर्नरों के स्थान पर गवर्नर जनरल को दी गई थी।

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