Previous Year Question
26 जनवरी, 1950 को भारत की ठीक संवैधानिक स्थिति क्या थी?
एक लोकतांत्रिक गणराज्य
एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य
एक संप्रभु पंथनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य
एक संप्रभु समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य
Correct Answer: B
Detailed Solution
26 जनवरी, 1950 को संविधान लागू होने के समय भारत की संवैधानिक स्थिति “संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य” की थी। इसलिए विकल्प (b) सही है।
मूल प्रस्तावना में भारत को “Sovereign Democratic Republic” बनाने का संकल्प व्यक्त किया गया था। उस समय प्रस्तावना में “Socialist” और “Secular” शब्द सम्मिलित नहीं थे।
इन शब्दों का संवैधानिक अर्थ इस प्रकार है:
संप्रभु: भारत अपने आंतरिक और बाह्य मामलों में किसी बाहरी सत्ता के अधीन नहीं है। भारत अपनी विधायी, कार्यकारी और विदेश नीति स्वतंत्र रूप से निर्धारित कर सकता है।
लोकतांत्रिक: शासन की सत्ता जनता से प्राप्त होती है। जनता अपने प्रतिनिधियों का निर्वाचन करती है और सरकार निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से संचालित होती है।
गणराज्य: भारत का राष्ट्राध्यक्ष वंशानुगत सम्राट नहीं होता। राष्ट्रपति संवैधानिक प्रक्रिया द्वारा निर्वाचित होता है और निश्चित कार्यकाल तक पद धारण करता है।
विकल्प (a) अपूर्ण है, क्योंकि इसमें भारत की संप्रभु स्थिति का उल्लेख नहीं है।
विकल्प (c) और (d) 26 जनवरी, 1950 की स्थिति नहीं बताते। संविधान (42वाँ संशोधन) अधिनियम, 1976 द्वारा प्रस्तावना में “समाजवादी” और “पंथनिरपेक्ष” शब्द जोड़े गए। इसी संशोधन द्वारा “राष्ट्र की एकता” को बदलकर “राष्ट्र की एकता और अखंडता” किया गया। ये परिवर्तन 3 जनवरी, 1977 से प्रभावी हुए।
यह ध्यान देने योग्य है कि भारतीय राज्य की पंथनिरपेक्ष और सामाजिक-आर्थिक न्याय संबंधी विशेषताएँ संविधान के विभिन्न प्रावधानों में प्रारंभ से मौजूद थीं। प्रश्न, हालाँकि, 26 जनवरी, 1950 को प्रस्तावना में लिखी ठीक संवैधानिक अभिव्यक्ति पूछता है, जिसमें “समाजवादी” और “पंथनिरपेक्ष” शब्द नहीं थे।