JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

POLITY · 2023

Previous Year Question

संविधान दिवस के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

कथन-I: नागरिकों में संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए संविधान दिवस प्रत्येक वर्ष 26 नवंबर को मनाया जाता है।

कथन-II: 26 नवंबर, 1949 को भारत की संविधान सभा ने भारत का प्रारूप संविधान तैयार करने के लिए डॉ. बी. आर. अंबेडकर की अध्यक्षता में एक प्रारूपण समिति बनाई।

उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?

A.

कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या है।

B.

कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है।

C.

कथन-I सही है किन्तु कथन-II गलत है।

D.

कथन-I गलत है किन्तु कथन-II सही है।

Correct Answer: C

Detailed Solution

कथन-I सही है। भारत में प्रत्येक वर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस अथवा संवैधानिक दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य नागरिकों में संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता और सम्मान को बढ़ावा देना तथा संविधान-निर्माताओं के योगदान को स्मरण करना है।

26 नवंबर की तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि संविधान सभा ने 26 नवंबर, 1949 को भारत के संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित किया था। संविधान की प्रस्तावना में भी इसके अंगीकरण की यही तारीख दी गई है।

संविधान के सभी प्रावधान 26 नवंबर, 1949 को लागू नहीं हुए थे। नागरिकता, निर्वाचन, अस्थायी संसद तथा संक्रमणकालीन व्यवस्थाओं से संबंधित कुछ प्रावधान उसी दिन प्रभावी हुए, जबकि संविधान का शेष भाग 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ। इसी कारण 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है।

भारत सरकार ने वर्ष 2015 में डॉ. बी. आर. अंबेडकर की 125वीं जयंती से संबंधित आयोजनों के अंतर्गत 26 नवंबर को प्रतिवर्ष संविधान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया।

कथन-II गलत है। प्रारूपण समिति का गठन 26 नवंबर, 1949 को नहीं हुआ था। संविधान सभा ने 29 अगस्त, 1947 को प्रारूपण समिति गठित की थी। डॉ. बी. आर. अंबेडकर इसके अध्यक्ष थे।

प्रारूपण समिति के सात मूल सदस्य थे—डॉ. बी. आर. अंबेडकर, एन. गोपालस्वामी आयंगर, अल्लादी कृष्णस्वामी अय्यर, के. एम. मुंशी, सैयद मोहम्मद सादुल्ला, बी. एल. मित्तर और डी. पी. खेतान। बाद में असमर्थता अथवा निधन के कारण कुछ सदस्यों के स्थान पर अन्य व्यक्तियों को नियुक्त किया गया।

प्रारूपण समिति का कार्य संविधान सभा द्वारा लिए गए निर्णयों और संवैधानिक सलाहकार बी. एन. राव द्वारा तैयार प्रारंभिक सामग्री के आधार पर संविधान का विधिक प्रारूप तैयार करना था। प्रारूप संविधान संविधान सभा के सामने 4 नवंबर, 1948 को प्रस्तुत किया गया। व्यापक चर्चा और संशोधनों के बाद संविधान 26 नवंबर, 1949 को अपनाया गया।

इस प्रकार, कथन-I सही है, लेकिन कथन-II में प्रारूपण समिति के गठन की तारीख गलत दी गई है।

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