Previous Year Question
अवैध शिकार के अलावा, गंगा नदी डॉल्फिन की समष्टि में ह्रास के लिए संभावित कारण क्या हैं?
नदियों पर बाँधों और बैराजों का निर्माण
नदियों में मगरमच्छों की समष्टि में वृद्धि
मछली पकड़ने के जालों में दुर्घटनावश फँस जाना
नदियों के आस-पास के फसल-खेतों में संश्लिष्ट उर्वरकों और अन्य कृषि रसायनों का उपयोग
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
1 और 2
2 और 3
1, 3 और 4
उपर्युक्त सभी
Correct Answer: C
Detailed Solution
गंगा नदी डॉल्फिन का वैज्ञानिक नाम Platanista gangetica gangetica है।
यह मुख्यतः गंगा-ब्रह्मपुत्र-मेघना नदी तंत्र में पाई जाने वाली मीठे जल की डॉल्फिन है।
इसे भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया गया है।
इसकी दृष्टि अत्यंत कमजोर होती है और यह मार्ग खोजने तथा शिकार पकड़ने के लिए प्रतिध्वनि-अवस्थिति का उपयोग करती है।
बाँध और बैराज नदी की प्राकृतिक प्रवाह व्यवस्था को बदल देते हैं।
ये संरचनाएँ डॉल्फिन की आबादी को छोटे और अलग-अलग समूहों में विभाजित कर सकती हैं तथा उसकी आवाजाही बाधित कर सकती हैं।
जल की गहराई, प्रवाह, तलछट और मछलियों की उपलब्धता में परिवर्तन भी डॉल्फिन के पर्यावास को प्रभावित कर सकता है।
इसलिए कथन 1 सही है।
नदी में मगरमच्छों की संख्या में वृद्धि को गंगा नदी डॉल्फिन की समष्टि में ह्रास का प्रमुख स्थापित कारण नहीं माना जाता।
इसलिए कथन 2 गलत है।
डॉल्फिन मछली पकड़ने के जालों में दुर्घटनावश उलझ सकती हैं और सतह पर साँस लेने न पहुँच पाने के कारण डूब सकती हैं।
इस अनपेक्षित पकड़ को बायकैच कहा जाता है; इसलिए कथन 3 सही है।
खेतों से बहकर आने वाले संश्लिष्ट उर्वरक, कीटनाशक और अन्य कृषि रसायन नदी के जल को प्रदूषित कर सकते हैं।
ये प्रदूषक डॉल्फिन, उसकी प्रजनन क्षमता और उसकी खाद्य प्रजातियों को प्रभावित कर सकते हैं; इसलिए कथन 4 सही है।
अतः बाँधों और बैराजों का निर्माण, जालों में दुर्घटनावश फँसना तथा कृषि रसायनों का प्रदूषण सही कारण हैं।