Previous Year Question
निम्नलिखित पर विचार कीजिए:
पक्षी
उड़ती धूल
वर्षा
बहती हवा
उपर्युक्त में से कौन-से पादप रोगों के प्रसार के लिए उत्तरदायी हैं?
केवल 1 और 3
केवल 3 और 4
केवल 1, 2 और 4
1, 2, 3 और 4
Correct Answer: D
Detailed Solution
पादप रोगों का प्रसार रोगजनक के संक्रामक भागों के एक स्थान अथवा पौधे से दूसरे स्थान अथवा पौधे तक पहुँचने से होता है।
इन संक्रामक भागों में कवकों के बीजाणु, जीवाणु, विषाणु, सूत्रकृमि तथा रोगग्रस्त पादप ऊतक सम्मिलित हो सकते हैं।
पक्षी अपनी चोंच, पैरों, पंखों अथवा मल के माध्यम से रोगजनकों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचा सकते हैं।
रोगग्रस्त फलों और बीजों को खाने वाले पक्षी भी कुछ रोगजनकों के वाहक बन सकते हैं।
अतः पक्षी पादप रोगों के प्रसार के लिए उत्तरदायी हो सकते हैं।
उड़ती धूल के साथ मिट्टी के कण और उन पर उपस्थित कवकीय बीजाणु, जीवाणु तथा अन्य रोगजनक भी स्थानांतरित हो सकते हैं।
यह माध्यम विशेष रूप से मिट्टी और पादप अवशेषों में उपस्थित रोगजनकों के प्रसार में सहायक होता है।
वर्षा की बूँदें रोगग्रस्त पत्तियों, तनों और मिट्टी से रोगजनकों को उछालकर निकटवर्ती स्वस्थ पौधों तक पहुँचा सकती हैं।
इस प्रक्रिया को वर्षा-बूँद छिड़काव अथवा रेन-स्प्लैश प्रसार कहा जाता है।
इससे अनेक जीवाणुजनित तथा कवकजनित रोग खेत में कम दूरी तक फैलते हैं।
बहती हवा कवकों के हल्के और सूक्ष्म बीजाणुओं को लंबी दूरी तक ले जा सकती है।
गेहूँ का रतुआ, चूर्णिल आसिता और कई अन्य वायुवाहित रोग इसी प्रकार तेजी से फैल सकते हैं।
हवा रोगग्रस्त पादप ऊतकों और रोगजनकयुक्त धूल को भी एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचा सकती है।
किसी रोग के प्रसार की वास्तविक दूरी रोगजनक की प्रकृति, मौसम, आर्द्रता तथा हवा की गति पर निर्भर करती है।
इसलिए पक्षी, उड़ती धूल, वर्षा और बहती हवा—चारों पादप रोगों के प्रसार के लिए उत्तरदायी हो सकते हैं।