Previous Year Question
हाल ही में हमारे देश में हिमालयी बिच्छू-बूटी (Girardinia diversifolia) के महत्त्व के बारे में जागरूकता बढ़ रही है, क्योंकि इसे किसका एक धारणीय स्रोत पाया गया है?
मलेरिया-रोधी औषधि
जैव-डीज़ल
कागज उद्योग के लिए लुगदी
वस्त्र तंतु
Correct Answer: D
Detailed Solution
Girardinia diversifolia को हिमालयी बिच्छू-बूटी, जायंट हिमालयन नेटल अथवा अल्लो के नाम से जाना जाता है।
यह Urticaceae कुल का एक बहुवर्षीय पादप है।
इसके तने की छाल से लंबे, मजबूत और हल्के प्राकृतिक बास्ट तंतु प्राप्त होते हैं।
इन तंतुओं का उपयोग वस्त्र, रस्सी, थैले, चटाई और अन्य हस्तशिल्प उत्पाद बनाने में किया जाता है। अतः विकल्प (d) सही है।
तंतु निकालने के लिए तनों की कटाई के बाद छाल को अलग करके रेटिंग और प्रसंस्करण किया जाता है।
प्रसंस्कृत तंतु को कातकर धागा बनाया जाता है और फिर उससे कपड़ा बुना जाता है।
इसके तंतु मजबूत, टिकाऊ और रेशम-सदृश चमक वाले हो सकते हैं।
यह हिमालय के नम क्षेत्रों, खुले वनस्थलों, नदी-किनारों और पर्वतीय ढलानों पर उग सकती है।
भारत के हिमालयी क्षेत्रों के साथ नेपाल में भी इसके तंतु का पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता है।
बहुवर्षीय होने के कारण कटाई के बाद यह पुनः विकसित हो सकती है।
उपयुक्त और नियंत्रित संग्रह से रासायनिक उर्वरक, सिंचाई तथा गहन कृषि निवेश की आवश्यकता कम हो सकती है।
इस कारण यह स्थानीय समुदायों के लिए धारणीय प्राकृतिक तंतु और आजीविका का स्रोत बन सकती है।
अत्यधिक अथवा अव्यवस्थित कटाई से प्राकृतिक आबादी को हानि हो सकती है, इसलिए वैज्ञानिक संग्रह और पुनर्जनन आवश्यक हैं।
इसका प्रमुख उल्लिखित उपयोग मलेरिया-रोधी औषधि, जैव-डीज़ल अथवा कागज की लुगदी के स्रोत के रूप में नहीं है।