JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ENVIRONMENT · 2019

Previous Year Question

भारत में कार्बोफ्यूरान, मिथाइल पैराथियॉन, फोरेट और ट्रायाज़ोफॉस के उपयोग को आशंका की दृष्टि से देखा जाता है। इन रसायनों का उपयोग किस रूप में किया जाता है?

A.

कृषि में पीड़कनाशक

B.

प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में परिरक्षक

C.

फल पकाने वाले कारक

D.

सौंदर्य प्रसाधनों में आर्द्रकारी कारक

Correct Answer: A

Detailed Solution

  • कार्बोफ्यूरान, मिथाइल पैराथियॉन, फोरेट और ट्रायाज़ोफॉस कृषि में कीटों को नियंत्रित करने के लिए प्रयुक्त पीड़कनाशक हैं।

  • ये मुख्यतः कीटनाशक हैं और विभिन्न फसलों पर कीटों के नियंत्रण के लिए उपयोग किए जाते रहे हैं।

  • कार्बोफ्यूरान कार्बामेट वर्ग का पीड़कनाशक है।

  • मिथाइल पैराथियॉन, फोरेट और ट्रायाज़ोफॉस ऑर्गेनोफॉस्फेट वर्ग के पीड़कनाशक हैं।

  • ये रसायन तंत्रिका तंत्र के सामान्य कार्य में हस्तक्षेप करके कीटों को नियंत्रित करते हैं।

  • कार्बामेट और ऑर्गेनोफॉस्फेट पीड़कनाशक एसीटाइलकोलिनेस्टरेज़ एंजाइम की गतिविधि को बाधित कर सकते हैं।

  • अत्यधिक अथवा अनुचित संपर्क से मनुष्यों में सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, श्वसन कठिनाई और गंभीर तंत्रिका संबंधी प्रभाव हो सकते हैं।

  • कृषि श्रमिकों को मिश्रण, छिड़काव और उपकरणों की सफाई के दौरान संपर्क का विशेष जोखिम हो सकता है।

  • इन पीड़कनाशकों के अवशेष मृदा और जल को प्रदूषित कर सकते हैं।

  • ये पक्षियों, परागणकर्ताओं, जलीय जीवों और अन्य गैर-लक्षित प्रजातियों को भी हानि पहुँचा सकते हैं।

  • इनकी विषाक्तता और पर्यावरणीय प्रभाव के कारण इनके उपयोग को आशंका की दृष्टि से देखा जाता है।

  • पीड़कनाशकों का उपयोग अनुमोदित फसल, निर्धारित मात्रा, प्रतीक्षा अवधि और सुरक्षा निर्देशों के अनुसार किया जाना चाहिए।

  • व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण और सुरक्षित भंडारण आकस्मिक संपर्क तथा विषाक्तता का जोखिम कम करते हैं।

  • समेकित पीड़क प्रबंधन जैविक नियंत्रण, फसल चक्र और आवश्यकता-आधारित रासायनिक उपयोग को मिलाकर पीड़कनाशकों पर निर्भरता घटाता है।

  • ये रसायन खाद्य परिरक्षक, फल पकाने वाले कारक अथवा सौंदर्य प्रसाधनों में आर्द्रकारी पदार्थ नहीं हैं।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.