Previous Year Question
निम्नलिखित में से किसके संदर्भ में ‘पायरोलिसिस और प्लाज्मा गैसीकरण’ शब्दों का उल्लेख किया जाता है?
दुर्लभ मृदा तत्त्वों का निष्कर्षण
प्राकृतिक गैस निष्कर्षण प्रौद्योगिकियाँ
हाइड्रोजन ईंधन-आधारित मोटर वाहन
अपशिष्ट-से-ऊर्जा प्रौद्योगिकियाँ
Correct Answer: D
Detailed Solution
पायरोलिसिस और प्लाज्मा गैसीकरण अपशिष्ट के ताप-रासायनिक उपचार तथा उससे ऊर्जा प्राप्त करने वाली प्रौद्योगिकियाँ हैं।
पायरोलिसिस में जैविक पदार्थ को ऑक्सीजन की अनुपस्थिति अथवा अत्यंत सीमित उपलब्धता में उच्च तापमान पर गर्म किया जाता है।
इस प्रक्रिया से संश्लेषित गैस, जैव-तेल और कार्बन-समृद्ध ठोस चार जैसे उत्पाद प्राप्त हो सकते हैं।
उत्पादों की मात्रा और संरचना कच्चे माल, तापमान, तापन-दर और अभिक्रिया की अवधि पर निर्भर करती है।
पायरोलिसिस का उपयोग प्लास्टिक, टायर, जैवमात्रा और कुछ प्रकार के ठोस अपशिष्ट के उपचार में किया जा सकता है।
गैसीकरण में सीमित मात्रा में ऑक्सीजन अथवा भाप की उपस्थिति में कार्बनयुक्त पदार्थ को ज्वलनशील गैस में बदला जाता है।
प्लाज्मा गैसीकरण में विद्युत प्लाज्मा द्वारा अत्यधिक उच्च तापमान उत्पन्न किया जाता है।
अत्यधिक तापमान अपशिष्ट के कार्बनिक भाग को मुख्यतः हाइड्रोजन और कार्बन मोनोऑक्साइड वाली संश्लेषित गैस में बदल सकता है।
अपशिष्ट का अकार्बनिक भाग पिघलकर काँच-सदृश ठोस स्लैग में परिवर्तित हो सकता है।
शुद्धिकरण के बाद संश्लेषित गैस का उपयोग विद्युत, ऊष्मा, हाइड्रोजन अथवा रासायनिक उत्पाद बनाने में किया जा सकता है।
इन प्रौद्योगिकियों का उपयोग नगरपालिका ठोस अपशिष्ट, औद्योगिक अपशिष्ट, जैवमात्रा और कुछ परिसंकटमय अपशिष्टों के उपचार में किया जा सकता है।
पायरोलिसिस और प्लाज्मा गैसीकरण साधारण भस्मीकरण से अलग हैं, क्योंकि इनमें नियंत्रित ऑक्सीजन परिस्थितियों में ईंधन-गैस अथवा अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार किए जाते हैं।
इनके लिए अपशिष्ट पृथक्करण, गैस शोधन और अवशिष्ट पदार्थों का सुरक्षित प्रबंधन आवश्यक है।
उच्च पूँजी लागत, अधिक ऊर्जा आवश्यकता और उत्सर्जन नियंत्रण इनके उपयोग की प्रमुख चुनौतियाँ हैं।
इन शब्दों का दुर्लभ मृदा निष्कर्षण, प्राकृतिक गैस निष्कर्षण अथवा हाइड्रोजन-ईंधन वाहनों से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।