Previous Year Question
कृषि में बायोचार का क्या उपयोग है?
बायोचार का उपयोग ऊर्ध्वाधर कृषि में वर्धन माध्यम के एक भाग के रूप में किया जा सकता है।
जब बायोचार वर्धन माध्यम का एक भाग होता है, तो यह नाइट्रोजन-स्थिरीकरण करने वाले सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को बढ़ावा देता है।
जब बायोचार वर्धन माध्यम का एक भाग होता है, तो यह वर्धन माध्यम को अधिक समय तक जल धारण करने में सक्षम बनाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
1 और 2
केवल 2
1 और 3
1, 2 और 3
Correct Answer: D
Detailed Solution
बायोचार एक स्थिर, कार्बन-समृद्ध और चारकोल-सदृश पदार्थ है।
इसे लकड़ी, फसल अवशेष और अन्य जैवमात्रा को ऑक्सीजन की सीमित उपलब्धता में गर्म करके बनाया जाता है।
इस ताप-रासायनिक प्रक्रिया को पायरोलिसिस कहा जाता है।
बायोचार हल्का और छिद्रपूर्ण होता है, इसलिए इसे ऊर्ध्वाधर कृषि में मृदा अथवा अन्य वर्धन माध्यम के घटक के रूप में उपयोग किया जा सकता है। अतः कथन 1 सही है।
इसके उपयोग से वर्धन माध्यम का वातन, संरचना और जड़ों का विकास बेहतर हो सकता है।
बायोचार की छिद्रपूर्ण सतह लाभकारी सूक्ष्मजीवों को रहने और वृद्धि करने के लिए सूक्ष्म पर्यावास प्रदान करती है।
उपयुक्त परिस्थितियों में यह नाइट्रोजन-स्थिरीकरण करने वाले सूक्ष्मजीवों की गतिविधि और वृद्धि को बढ़ावा दे सकता है। अतः कथन 2 सही है।
इसके प्रभाव बायोचार के कच्चे माल, उत्पादन तापमान, मृदा के गुणों और फसल के प्रकार पर निर्भर करते हैं।
बायोचार के सूक्ष्म छिद्र जल को अवशोषित और धारण कर सकते हैं।
इसलिए इसे वर्धन माध्यम में मिलाने से जल-धारण क्षमता बढ़ सकती है और जल अधिक समय तक उपलब्ध रह सकता है। अतः कथन 3 सही है।
बायोचार मृदा की धनायन-विनिमय क्षमता बढ़ाकर कुछ पोषक तत्त्वों के निक्षालन को कम कर सकता है।
यह अम्लीय मृदा के pH में सुधार और उर्वरकों के अधिक प्रभावी उपयोग में भी सहायता कर सकता है।
इसका स्थिर कार्बन मृदा में लंबे समय तक बना रह सकता है, इसलिए यह कार्बन प्रच्छादन में योगदान दे सकता है।
बायोचार स्वयं प्रत्येक परिस्थिति में पूर्ण उर्वरक नहीं है और उसका अनुपयुक्त अथवा अत्यधिक उपयोग लाभ के स्थान पर हानि पहुँचा सकता है।
सुरक्षित उपयोग के लिए बायोचार के कच्चे माल, संभावित संदूषकों और आवश्यक प्रयोग-मात्रा की जाँच आवश्यक है।