Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
कथन-I: जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध संघर्ष में कार्बन बाज़ारों के सर्वाधिक व्यापक साधनों में से एक होने की संभावना है।
कथन-II: कार्बन बाज़ार निजी क्षेत्र से राज्य को संसाधन अंतरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?
कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या है।
कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है।
कथन-I सही है, किंतु कथन-II सही नहीं है।
कथन-I सही नहीं है, किंतु कथन-II सही है।
Correct Answer: C
Detailed Solution
कार्बन बाज़ार ऐसी व्यापारिक व्यवस्थाएँ हैं जिनमें ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन से संबंधित अनुमतियों अथवा कार्बन क्रेडिटों का क्रय-विक्रय किया जाता है।
सामान्यतः एक कार्बन क्रेडिट एक मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य उत्सर्जन में कमी अथवा निष्कासन को निरूपित करता है।
कार्बन बाज़ार उत्सर्जन को आर्थिक मूल्य देकर कंपनियों और अन्य संस्थाओं को उत्सर्जन कम करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
ये संस्थाओं को वहाँ उत्सर्जन कम करने में सहायता देते हैं जहाँ उत्सर्जन न्यूनीकरण की लागत अपेक्षाकृत कम है।
इस प्रकार कार्बन बाज़ार जलवायु लक्ष्यों को अधिक लागत-प्रभावी तरीके से प्राप्त करने में सहायता कर सकते हैं।
विश्व के अनेक देशों और क्षेत्रों ने उत्सर्जन व्यापार अथवा कार्बन क्रेडिट व्यवस्थाएँ विकसित की हैं।
पेरिस समझौते का अनुच्छेद 6 देशों के बीच स्वैच्छिक सहयोग और अंतर्राष्ट्रीय कार्बन बाज़ार संबंधी व्यवस्थाओं का आधार प्रदान करता है।
इसलिए जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध संघर्ष में कार्बन बाज़ारों के व्यापक साधन बनने से संबंधित कथन-I सही है।
कार्बन बाज़ारों में संसाधनों का हस्तांतरण केवल निजी क्षेत्र से राज्य की ओर नहीं होता।
कार्बन क्रेडिटों का व्यापार निजी कंपनियों, परियोजना विकासकर्ताओं, सरकारों अथवा विभिन्न देशों की संस्थाओं के बीच हो सकता है।
सरकार द्वारा उत्सर्जन अनुमतियों की नीलामी किए जाने पर राजस्व राज्य को मिल सकता है, लेकिन यह प्रत्येक कार्बन बाज़ार की अनिवार्य विशेषता नहीं है।
स्वैच्छिक कार्बन बाज़ारों में अनेक लेन-देन निजी संस्थाओं के बीच होते हैं और उनका भुगतान राज्य को नहीं जाता।
इसलिए निजी क्षेत्र से राज्य को संसाधन अंतरित करना कार्बन बाज़ार की सामान्य अथवा परिभाषित विशेषता नहीं है। अतः कथन-II सही नहीं है।
कार्बन बाज़ार की विश्वसनीयता के लिए अतिरिक्तता, स्थायित्व, रिसाव की रोकथाम, दोहरी गणना से बचाव तथा प्रभावी मापन, प्रतिवेदन और सत्यापन आवश्यक हैं।