JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ENVIRONMENT · 2025

Previous Year Question

वायु प्रदूषण कम करने के लिए कृत्रिम रूप से वर्षा कराने में किसका उपयोग किया जाता है?

A.

सिल्वर आयोडाइड और पोटैशियम आयोडाइड

B.

सिल्वर नाइट्रेट और पोटैशियम आयोडाइड

C.

सिल्वर आयोडाइड और पोटैशियम नाइट्रेट

D.

सिल्वर नाइट्रेट और पोटैशियम क्लोराइड

Correct Answer: A

Detailed Solution

  • कृत्रिम रूप से वर्षा कराने की इस प्रक्रिया को मेघ बीजन कहा जाता है।

  • मेघ बीजन में उपयुक्त बादलों के भीतर ऐसे सूक्ष्म कण छोड़े जाते हैं जिनके चारों ओर जलवाष्प संघनित अथवा हिमीकृत हो सके।

  • सिल्वर आयोडाइड की क्रिस्टलीय संरचना बर्फ के क्रिस्टलों से मिलती-जुलती है।

  • अतिशीतित बादलों में सिल्वर आयोडाइड हिम नाभिक के रूप में कार्य करके बर्फ के क्रिस्टलों के निर्माण को प्रोत्साहित करता है।

  • पोटैशियम आयोडाइड का उपयोग भी सिल्वर आयोडाइड के साथ मेघ बीजन मिश्रणों में किया जा सकता है।

  • इसलिए दिए गए विकल्पों में सिल्वर आयोडाइड और पोटैशियम आयोडाइड सही संयोजन है।

  • शुष्क बर्फ अर्थात ठोस कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग भी कुछ प्रकार के मेघ बीजन में किया जाता है।

  • उष्ण बादलों के आर्द्रताग्राही बीजन में सोडियम क्लोराइड जैसे लवणों के कणों का उपयोग किया जा सकता है।

  • मेघ बीजन पूर्णतः स्वच्छ आकाश में बादल उत्पन्न नहीं करता; इसके लिए पर्याप्त नमी वाले उपयुक्त बादलों का उपस्थित होना आवश्यक है।

  • विकसित वर्षा-बूँदें नीचे गिरते समय वायुमंडल में मौजूद कणीय प्रदूषकों को अपने साथ नीचे ला सकती हैं।

  • इस प्रक्रिया को आर्द्र निक्षेपण अथवा वर्षा द्वारा प्रदूषकों का प्रक्षालन कहा जाता है।

  • इससे वायु में उपस्थित धूल और सूक्ष्म कणों की सांद्रता अस्थायी रूप से कम हो सकती है।

  • मेघ बीजन की सफलता बादलों के प्रकार, तापमान, आर्द्रता, पवन और वायुमंडलीय परिस्थितियों पर निर्भर करती है।

  • यह उत्सर्जन नियंत्रण का स्थायी विकल्प नहीं है; वायु प्रदूषणषण के दीर्घकालीन समाधान के लिए प्रदूषण-स्रोतों पर नियंत्रण आवश्यक है।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.