Previous Year Question
पीकॉक टैरेंटुला (गूटी टैरेंटुला) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. यह एक सर्वाहारी क्रस्टेशियाई है।
II. भारत में इसका प्राकृतिक आवास केवल कुछ वन क्षेत्रों तक सीमित है।
III. अपने प्राकृतिक आवास में यह एक वृक्षवासी प्रजाति है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल I
केवल I और III
केवल II
केवल II और III
Correct Answer: D
Detailed Solution
पीकॉक टैरेंटुला अथवा गूटी टैरेंटुला का वैज्ञानिक नाम Poecilotheria metallica है।
यह आर्थ्रोपोडा संघ के अरैक्निडा वर्ग और एरेनी गण से संबंधित मकड़ी है।
यह क्रस्टेशियाई नहीं है और न ही सर्वाहारी जीव है। अतः कथन I सही नहीं है।
यह मुख्यतः कीटों और अन्य छोटे अकशेरुकी जीवों का शिकार करने वाला मांसाहारी परभक्षी है।
इसका शरीर धात्विक नीले रंग और विशिष्ट सफेद तथा पीले चिह्नों के लिए जाना जाता है।
यह भारत की स्थानिक प्रजाति है और इसका प्राकृतिक वितरण अत्यंत सीमित है।
इसका ज्ञात प्राकृतिक पर्यावास मुख्यतः आंध्र प्रदेश के पूर्वी घाटों के कुछ वन क्षेत्रों तक सीमित है। अतः कथन II सही है।
सीमित वितरण के कारण इसके पर्यावास में होने वाली थोड़ी-सी क्षति भी इसकी संपूर्ण आबादी को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।
यह वृक्षवासी प्रजाति है और प्राकृतिक अवस्था में मुख्यतः वृक्षों पर रहती है। अतः कथन III सही है।
यह वृक्षों के खोखलों, छाल की दरारों अथवा शाखाओं के बीच रेशमी आश्रय बनाती है।
यह सामान्यतः रात्रिचर होती है और रात में शिकार के लिए सक्रिय होती है।
वन कटाई, पर्यावास का क्षरण, वनाग्नि और अवैध पालतू जीव व्यापार इसके प्रमुख खतरे हैं।
IUCN ने इस प्रजाति को गंभीर संकटग्रस्त श्रेणी में रखा है।
Poecilotheria वंश की प्रजातियों का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार CITES के परिशिष्ट II के अंतर्गत नियंत्रित किया जाता है।