JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ENVIRONMENT · 2015

Previous Year Question

अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) और वन्य जीवजंतु एवं वनस्पति की संकटापन्न प्रजातियों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर कन्वेंशन (CITES) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. IUCN संयुक्त राष्ट्र का एक अंग है और CITES सरकारों के बीच एक अंतर्राष्ट्रीय समझौता है।

  2. IUCN प्राकृतिक पर्यावरणों के बेहतर प्रबंधन के लिए विश्व भर में हजारों क्षेत्रीय परियोजनाएँ चलाता है।

  3. CITES इसमें शामिल हो चुके राज्यों पर कानूनी रूप से बाध्यकारी है, लेकिन यह कन्वेंशन राष्ट्रीय कानूनों का स्थान नहीं लेता।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

A.

केवल 1

B.

2 और 3

C.

1 और 3

D.

1, 2 और 3

Correct Answer: B

Detailed Solution

  • IUCN सरकारों और नागरिक समाज संगठनों की सदस्यता वाला स्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय संघ है।

  • इसकी स्थापना वर्ष 1948 में हुई थी और इसका मुख्यालय ग्लैंड, स्विट्ज़रलैंड में स्थित है।

  • IUCN संयुक्त राष्ट्र का अंग नहीं है, यद्यपि उसे संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रेक्षक का दर्जा प्राप्त है। अतः कथन 1 का पहला भाग सही नहीं है।

  • CITES सरकारों के बीच किया गया अंतर्राष्ट्रीय समझौता है; इसलिए कथन 1 का दूसरा भाग सही है।

  • कथन 1 के दोनों भाग सही न होने के कारण पूरा कथन गलत है।

  • IUCN विश्व के विभिन्न भागों में प्रकृति संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से संबंधित हजारों क्षेत्रीय परियोजनाओं में कार्य करता है। अतः कथन 2 सही है।

  • IUCN प्रजातियों की वैश्विक संरक्षण-स्थिति का आकलन करने वाली ‘IUCN संकटग्रस्त प्रजातियों की लाल सूची’ प्रकाशित करता है।

  • CITES को वर्ष 1973 में वाशिंगटन में अंगीकृत किया गया और यह 1 जुलाई, 1975 को प्रभावी हुआ।

  • इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वन्य पशुओं और पादपों की प्रजातियों के नमूनों का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार उनके अस्तित्व के लिए खतरा न बने।

  • CITES में प्रजातियों को आवश्यक व्यापार-नियंत्रण की कठोरता के अनुसार परिशिष्ट I, II और III में रखा जाता है।

  • परिशिष्ट I में विलुप्ति के खतरे वाली प्रजातियाँ होती हैं और इनके नमूनों का वाणिज्यिक अंतर्राष्ट्रीय व्यापार केवल असाधारण परिस्थितियों में स्वीकार्य होता है।

  • परिशिष्ट II में ऐसी प्रजातियाँ होती हैं जिनका व्यापार नियंत्रित न किए जाने पर उनके अस्तित्व को खतरा हो सकता है।

  • CITES अपने पक्षकार देशों पर कानूनी रूप से बाध्यकारी है, लेकिन यह सीधे राष्ट्रीय कानून का स्थान नहीं लेता। अतः कथन 3 सही है।

  • प्रत्येक पक्षकार देश को CITES के प्रावधान लागू करने के लिए अपना घरेलू कानून और प्रशासनिक व्यवस्था बनानी होती है।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.