Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
अल्पजीवी जलवायु प्रदूषकों को कम करने के लिए जलवायु एवं स्वच्छ वायु गठबंधन (CCAC), G20 देशों के समूह की एक अनूठी पहल है।
CCAC मीथेन, ब्लैक कार्बन और हाइड्रोफ्लोरोकार्बनों पर ध्यान केंद्रित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1, न ही 2
Correct Answer: B
Detailed Solution
जलवायु एवं स्वच्छ वायु गठबंधन (CCAC) अल्पजीवी जलवायु प्रदूषकों को कम करने के लिए कार्य करने वाली स्वैच्छिक अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी है।
इसे 16 फरवरी, 2012 को संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम और छह देशों द्वारा प्रारंभ किया गया था।
ये छह देश बांग्लादेश, कनाडा, घाना, मैक्सिको, स्वीडन और संयुक्त राज्य अमेरिका थे।
इसलिए CCAC G20 देशों के समूह द्वारा प्रारंभ की गई पहल नहीं है। अतः कथन 1 सही नहीं है।
इसमें राष्ट्रीय सरकारों के साथ अंतर-सरकारी संगठन, गैर-सरकारी संगठन, निजी क्षेत्र और वैज्ञानिक संस्थाएँ भी भाग लेते हैं।
CCAC मुख्य रूप से मीथेन, ब्लैक कार्बन और हाइड्रोफ्लोरोकार्बनों जैसे अल्पजीवी जलवायु प्रदूषकों पर ध्यान केंद्रित करता है। अतः कथन 2 सही है।
ये प्रदूषक कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में कम समय तक वायुमंडल में रहते हैं, लेकिन जलवायु तापन पर इनका प्रभाव अत्यधिक हो सकता है।
मीथेन एक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है और क्षोभमंडलीय ओज़ोन के निर्माण में भी योगदान करती है।
मीथेन के प्रमुख मानवीय स्रोतों में कृषि, जीवाश्म ईंधन उत्पादन और वितरण तथा अपशिष्ट क्षेत्र शामिल हैं।
ब्लैक कार्बन जीवाश्म ईंधन, जैव ईंधन और बायोमास के अपूर्ण दहन से बनने वाले सूक्ष्म कणों का घटक है।
हिम और बर्फ पर जमा ब्लैक कार्बन सूर्य के प्रकाश का अवशोषण बढ़ाकर उनके पिघलने को तेज कर सकता है।
हाइड्रोफ्लोरोकार्बन मुख्यतः प्रशीतन और वातानुकूलन में प्रयुक्त मानव-निर्मित गैसें हैं।
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के किगाली संशोधन का उद्देश्य HFC के उत्पादन और उपभोग को चरणबद्ध रूप से कम करना है।
अल्पजीवी जलवायु प्रदूषकों में कमी से जलवायु के साथ वायु गुणवत्ता, मानव स्वास्थ्य और फसल उत्पादन को भी लाभ हो सकता है।
इन प्रदूषकों में कमी कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में दीर्घकालीन कमी की पूरक है, उसका विकल्प नहीं।