JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ENVIRONMENT · 2018

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. क्रांतिक वन्यजीव पर्यावास की परिभाषा वन अधिकार अधिनियम, 2006 में समाविष्ट है।

  2. भारत में पहली बार बैगाओं को पर्यावास अधिकार दिए गए हैं।

  3. केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत के किसी भी भाग में आदिम और सुभेद्य जनजातीय समूहों के पर्यावास अधिकारों पर आधिकारिक रूप से निर्णय लेता है और उनकी घोषणा करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A.

1 और 2

B.

2 और 3

C.

केवल 3

D.

1, 2 और 3

Correct Answer: A

Detailed Solution

  • वन अधिकार अधिनियम, 2006 का पूर्ण नाम अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 है।

  • इस अधिनियम की धारा 2(b) में ‘क्रांतिक वन्यजीव पर्यावास’ की परिभाषा दी गई है। अतः कथन 1 सही है।

  • क्रांतिक वन्यजीव पर्यावास से आशय राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों के ऐसे क्षेत्रों से है, जिन्हें वन्यजीव संरक्षण के लिए अक्षुण्ण रखना आवश्यक माना जाता है।

  • ऐसे पर्यावास का निर्धारण वैज्ञानिक और वस्तुनिष्ठ मानदंडों के आधार पर तथा प्रत्येक मामले पर अलग-अलग विचार करके किया जाना होता है।

  • क्रांतिक वन्यजीव पर्यावास और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत घोषित क्रांतिक बाघ पर्यावास दो अलग-अलग कानूनी अवधारणाएँ हैं।

  • वन अधिकार अधिनियम की धारा 3(1)(e) विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों और कृषि-पूर्व समुदायों के पर्यावास तथा निवास से संबंधित सामुदायिक अधिकारों को मान्यता देती है।

  • मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में बैगा समुदाय को पर्यावास अधिकार प्रदान किए गए थे और इसे भारत में इस प्रकार के अधिकार की पहली मान्यता माना गया। अतः कथन 2 सही है।

  • पर्यावास अधिकार किसी समुदाय की परंपरागत सीमा, आजीविका, सामाजिक-सांस्कृतिक प्रथाओं और प्राकृतिक संसाधनों के साथ उसके संबंध को मान्यता देते हैं।

  • वन अधिकारों की मान्यता की प्रक्रिया ग्राम सभा के स्तर से प्रारंभ होती है।

  • ग्राम सभा दावों को प्राप्त करती है, उनका सत्यापन करती है और अपनी संस्तुति उपखंड स्तरीय समिति को भेजती है।

  • जिला स्तरीय समिति वन अधिकारों से संबंधित दावों पर अंतिम निर्णय लेने वाला प्राधिकरण है।

  • जनजातीय कार्य मंत्रालय वन अधिकार अधिनियम के कार्यान्वयन का नोडल केंद्रीय मंत्रालय है।

  • पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय पूरे भारत में PVTG समुदायों के पर्यावास अधिकारों पर स्वयं अंतिम निर्णय लेकर उनकी घोषणा नहीं करता। अतः कथन 3 सही नहीं है।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.