Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 भारत सरकार को सशक्त करता है कि
वह पर्यावरणीय संरक्षण की प्रक्रिया में जन सहभागिता की आवश्यकता और जिस प्रक्रिया तथा रीति से यह अपेक्षित है, उसका उल्लेख करे।
वह विभिन्न स्रोतों से पर्यावरणीय प्रदूषकों के उत्सर्जन अथवा विसर्जन के मानक निर्धारित करे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1, न ही 2
Correct Answer: B
Detailed Solution
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 पर्यावरण की सुरक्षा और सुधार के लिए बनाया गया एक व्यापक केंद्रीय कानून है।
यह केंद्र सरकार को पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक उपाय करने की व्यापक शक्तियाँ प्रदान करता है।
अधिनियम में पर्यावरण संरक्षण की प्रक्रिया में जन सहभागिता की आवश्यकता तथा उसे प्राप्त करने की प्रक्रिया और रीति निर्धारित करने की विशिष्ट शक्ति का उल्लेख नहीं है। अतः कथन 1 सही नहीं है।
पर्यावरणीय प्रभाव आकलन अधिसूचना के अंतर्गत कुछ परियोजनाओं के लिए जन-परामर्श और जन-सुनवाई की व्यवस्था है, लेकिन यह अधिनियम में कथन 1 के रूप में उल्लिखित स्पष्ट शक्ति के समान नहीं है।
अधिनियम की धारा 3 केंद्र सरकार को पर्यावरण की गुणवत्ता की रक्षा और सुधार के लिए उपाय करने की शक्ति देती है।
धारा 3 के अंतर्गत सरकार विभिन्न स्रोतों से पर्यावरण प्रदूषण को रोकने, नियंत्रित करने और कम करने के लिए उपाय कर सकती है।
अधिनियम की धारा 6 पर्यावरणीय प्रदूषकों के उत्सर्जन अथवा विसर्जन के मानक निर्धारित करने के लिए नियम बनाने की शक्ति प्रदान करती है।
विभिन्न उद्योगों, प्रक्रियाओं और प्रदूषण-स्रोतों के लिए अलग-अलग मानक निर्धारित किए जा सकते हैं। अतः कथन 2 सही है।
धारा 7 के अनुसार कोई उद्योग, परिचालन अथवा प्रक्रिया निर्धारित मानकों से अधिक पर्यावरणीय प्रदूषकों का उत्सर्जन या विसर्जन नहीं कर सकती।
धारा 5 केंद्र सरकार को किसी उद्योग के बंद करने, निषेध अथवा विनियमन सहित बाध्यकारी निर्देश जारी करने की शक्ति देती है।
इन निर्देशों में विद्युत, जल अथवा अन्य सेवाओं की आपूर्ति रोकने या विनियमित करने का निर्देश भी शामिल हो सकता है।
पर्यावरण संरक्षण नियम, 1986 के माध्यम से विभिन्न प्रदूषकों के लिए उत्सर्जन और विसर्जन मानक निर्धारित किए गए हैं।