JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ENVIRONMENT · 2019

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. रामसर कन्वेंशन के अंतर्गत, भारत सरकार के लिए यह अनिवार्य है कि वह भारत के राज्यक्षेत्र में स्थित सभी आर्द्रभूमियों की रक्षा और संरक्षण करे।

  2. आर्द्रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम, 2010 भारत सरकार द्वारा रामसर कन्वेंशन की सिफारिशों के आधार पर बनाए गए थे।

  3. आर्द्रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम, 2010 में प्राधिकरण द्वारा निर्धारित आर्द्रभूमियों के अपवाह क्षेत्र अथवा जलग्रहण क्षेत्र भी सम्मिलित हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A.

1 और 2

B.

2 और 3

C.

केवल 3

D.

1, 2 और 3

Correct Answer: C

Detailed Solution

  • रामसर कन्वेंशन आर्द्रभूमियों के संरक्षण और विवेकपूर्ण उपयोग से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय संधि है।

  • इसे वर्ष 1971 में ईरान के रामसर नगर में अपनाया गया और यह वर्ष 1975 में प्रभावी हुआ।

  • भारत 1 फरवरी, 1982 को रामसर कन्वेंशन का पक्षकार बना।

  • कन्वेंशन के अंतर्गत पक्षकार देश उपयुक्त आर्द्रभूमियों को अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की आर्द्रभूमियों की सूची में नामित करते हैं।

  • यह सभी आर्द्रभूमियों के विवेकपूर्ण उपयोग, सूचीबद्ध रामसर स्थलों के प्रभावी प्रबंधन और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर बल देता है।

  • किंतु यह भारत सरकार को देश की प्रत्येक आर्द्रभूमि को एकसमान वैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत अनिवार्य रूप से संरक्षित घोषित करने के लिए बाध्य नहीं करता। अतः कथन 1 सही नहीं है।

  • आर्द्रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम, 2010 पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के अधीन केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किए गए थे।

  • इन नियमों का वैधानिक आधार पर्यावरण संरक्षण अधिनियम था; इन्हें रामसर कन्वेंशन की सिफारिशों के आधार पर बनाया गया बताना सही नहीं है। अतः कथन 2 सही नहीं है।

  • वर्ष 2010 के नियमों के अंतर्गत आर्द्रभूमि के साथ प्राधिकरण द्वारा निर्धारित उसके प्रत्यक्ष प्रभाव क्षेत्र, अपवाह क्षेत्र अथवा जलग्रहण क्षेत्र को भी संरक्षण व्यवस्था में सम्मिलित किया जा सकता था। अतः कथन 3 सही है।

  • जलग्रहण क्षेत्र में होने वाली गतिविधियाँ तलछट, प्रदूषकों और पोषक तत्त्वों के प्रवाह को प्रभावित करके आर्द्रभूमि की पारिस्थितिकी बदल सकती हैं।

  • इसलिए आर्द्रभूमि का प्रभावी प्रबंधन केवल उसके जलमग्न क्षेत्र तक सीमित न रहकर संबंधित जलग्रहण क्षेत्र को भी ध्यान में रखता है।

  • वर्ष 2010 के नियमों में आर्द्रभूमि के पुनर्ग्रहण, औद्योगिक स्थापना, ठोस अपशिष्ट डालने और अनुपचारित बहिःस्राव छोड़ने जैसी गतिविधियों पर प्रतिबंध का प्रावधान था।

  • आर्द्रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम, 2017 ने वर्ष 2010 के नियमों का स्थान ले लिया।

  • वर्ष 2017 के नियमों में राज्य और केंद्रशासित प्रदेश आर्द्रभूमि प्राधिकरणों को प्रमुख भूमिका प्रदान की गई।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.