Previous Year Question
भारत में, ‘विस्तारित उत्पादक दायित्व’ को निम्नलिखित में से किसमें एक महत्त्वपूर्ण विशेषता के रूप में प्रारंभ किया गया था?
जैव-चिकित्सा अपशिष्ट (प्रबंधन एवं हथालन) नियम, 1998
पुनर्चक्रित प्लास्टिक (निर्माण एवं उपयोग) नियम, 1999
ई-अपशिष्ट (प्रबंधन एवं हथालन) नियम, 2011
खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियम, 2011
Correct Answer: C
Detailed Solution
विस्तारित उत्पादक दायित्व (EPR) को भारत में ई-अपशिष्ट (प्रबंधन एवं हथालन) नियम, 2011 की एक महत्त्वपूर्ण विशेषता के रूप में प्रस्तुत किया गया था।
ये नियम पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के अधीन अधिसूचित किए गए और 1 मई, 2012 से प्रभावी हुए।
EPR के अंतर्गत विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के उत्पादक का दायित्व उत्पाद के निर्माण और बिक्री के बाद भी बना रहता है।
उत्पादक को उपयोग के बाद उत्पन्न ई-अपशिष्ट के संग्रह और उसे अधिकृत विघटनकर्ताओं अथवा पुनर्चक्रणकर्ताओं तक पहुँचाने की व्यवस्था करनी होती है।
इसका उद्देश्य ई-अपशिष्ट का पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित संग्रह, परिवहन, विघटन, पुनर्चक्रण और निपटान सुनिश्चित करना है।
EPR उत्पादकों को उत्पाद की डिजाइन में सुधार, विषैले पदार्थों के उपयोग में कमी और पुनर्चक्रण-योग्यता बढ़ाने के लिए भी प्रेरित करता है।
ई-अपशिष्ट में सीसा, पारा, कैडमियम और हेक्सावैलेंट क्रोमियम जैसे परिसंकटमय पदार्थ हो सकते हैं।
अनौपचारिक और असुरक्षित पुनर्चक्रण से ये पदार्थ मृदा, जल तथा वायु को प्रदूषित कर सकते हैं और मानव स्वास्थ्य को हानि पहुँचा सकते हैं।
ई-अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 ने संग्रह लक्ष्यों और उत्पादक दायित्व संबंधी व्यवस्था को आगे सुदृढ़ किया।
जैव-चिकित्सा अपशिष्ट नियम, 1998 मुख्यतः स्वास्थ्य संस्थानों से उत्पन्न जैव-चिकित्सा अपशिष्ट के पृथक्करण, उपचार और निपटान से संबंधित थे।
पुनर्चक्रित प्लास्टिक नियम, 1999 प्लास्टिक के निर्माण और उपयोग से संबंधित थे, लेकिन दिए गए विकल्पों में EPR की शुरुआत वाला सही उत्तर नहीं हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियम, 2011 खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता से संबंधित हैं, ई-अपशिष्ट के उत्पादक दायित्व से नहीं।
बाद के वर्षों में EPR को प्लास्टिक अपशिष्ट, बैटरी अपशिष्ट और अन्य उत्पाद-आधारित अपशिष्ट व्यवस्थाओं में भी अपनाया गया।