JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ENVIRONMENT · 2022

Previous Year Question

वन्यजीव संरक्षण के बारे में भारतीय विधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. वन्यजीव, सरकार की एकमात्र संपत्ति हैं।

  2. जब किसी वन्यजीव को संरक्षित घोषित किया जाता है, तो यह जीव चाहे संरक्षित क्षेत्र में हो या उससे बाहर, समान संरक्षण का हकदार है।

  3. किसी संरक्षित वन्यजीव के मानव जीवन के लिए खतरा बनने की आशंका उस जीव को पकड़ने या मार दिए जाने का पर्याप्त आधार है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A.

1 और 2

B.

केवल 2

C.

1 और 3

D.

केवल 3

Correct Answer: B

Detailed Solution

  • वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 वन्य पशुओं, पक्षियों और पौधों के संरक्षण का प्रमुख केंद्रीय कानून है।

  • प्रत्येक जीवित वन्य पशु को स्वतः सरकार की संपत्ति घोषित नहीं किया गया है। इसलिए कथन 1 सही नहीं है।

  • अधिनियम की धारा 39 के अंतर्गत कानून में निर्दिष्ट परिस्थितियों में पकड़ा गया, मारा गया, मृत पाया गया अथवा अवैध रूप से प्राप्त वन्य पशु और उससे प्राप्त वस्तुएँ सरकार की संपत्ति बनती हैं।

  • इसलिए धारा 39 के प्रावधान का अर्थ यह नहीं है कि प्राकृतिक अवस्था में रहने वाले सभी वन्य पशु सरकार की एकमात्र संपत्ति हैं।

  • किसी वन्यजीव को प्राप्त वैधानिक संरक्षण केवल राष्ट्रीय उद्यान अथवा वन्यजीव अभयारण्य की भौगोलिक सीमा तक सीमित नहीं होता है।

  • संरक्षित प्रजाति संरक्षित क्षेत्र के भीतर हो अथवा बाहर, उसके शिकार, पकड़ने अथवा मारने पर अधिनियम के प्रावधान लागू होते हैं। इसलिए कथन 2 सही है।

  • संरक्षित क्षेत्र से बाहर पाए जाने पर भी संरक्षित प्रजाति अपनी वैधानिक संरक्षण स्थिति नहीं खोती है।

  • किसी संरक्षित वन्य पशु के मानव जीवन के लिए खतरा बनने की केवल आशंका उसे पकड़ने या मारने का पर्याप्त आधार नहीं है। इसलिए कथन 3 सही नहीं है।

  • इसके लिए सक्षम वैधानिक प्राधिकारी को निर्धारित परिस्थितियों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर संतुष्ट होना आवश्यक है।

  • मानव जीवन के लिए खतरनाक घोषित किए गए पशु के संबंध में भी अधिनियम में निर्धारित प्रक्रिया, लिखित आदेश और आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन किया जाता है।

  • जहाँ संभव हो, पशु को मारने के स्थान पर पकड़ने, शांत करने अथवा सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने को प्राथमिकता दी जाती है।

  • कानून का उद्देश्य मानव सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना है; केवल अनुमान या सामान्य भय के आधार पर संरक्षित पशु को नहीं मारा जा सकता।

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