Previous Year Question
निम्नलिखित में से कौन-सा ओज़ोन-अवक्षयकारी पदार्थों के उपयोग को नियंत्रित करने और चरणबद्ध रूप से समाप्त करने के मुद्दे से संबंधित है?
ब्रेटन वुड्स सम्मेलन
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल
क्योटो प्रोटोकॉल
नागोया प्रोटोकॉल
Correct Answer: B
Detailed Solution
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल ओज़ोन परत को नष्ट करने वाले पदार्थों के उत्पादन और उपभोग को नियंत्रित तथा चरणबद्ध रूप से समाप्त करने से संबंधित अंतरराष्ट्रीय समझौता है।
इसका पूरा नाम ओज़ोन परत को क्षीण करने वाले पदार्थों पर मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल है।
इसे 16 सितंबर, 1987 को अंगीकृत किया गया और यह 1 जनवरी, 1989 को लागू हुआ।
यह वर्ष 1985 के ओज़ोन परत के संरक्षण के लिए वियना अभिसमय के अंतर्गत बनाया गया था।
समतापमंडलीय ओज़ोन परत सूर्य के हानिकारक पराबैंगनी-B विकिरण के बड़े भाग को अवशोषित करती है।
क्लोरोफ्लोरोकार्बन और अन्य ओज़ोन-अवक्षयकारी पदार्थ समतापमंडल में पहुँचकर पराबैंगनी विकिरण के कारण विघटित होते हैं।
इनके विघटन से निकलने वाले क्लोरीन और ब्रोमीन रेडिकल उत्प्रेरक अभिक्रियाओं द्वारा बड़ी संख्या में ओज़ोन अणुओं को नष्ट कर सकते हैं।
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल ने CFCs, हैलोन, कार्बन टेट्राक्लोराइड, मिथाइल क्लोरोफॉर्म, मिथाइल ब्रोमाइड और HCFCs जैसे नियंत्रित पदार्थों के लिए समयबद्ध कटौती निर्धारित की।
विकसित और विकासशील देशों के लिए अलग-अलग समय-सारिणियाँ रखी गईं, जिससे उनकी भिन्न क्षमताओं और विकास-आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जा सके।
विकासशील देशों को वित्तीय और तकनीकी सहायता देने के लिए मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के अंतर्गत बहुपक्षीय कोष स्थापित किया गया।
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल को सार्वभौमिक अनुसमर्थन प्राप्त करने वाले सबसे सफल अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय समझौतों में माना जाता है।
वर्ष 2016 के किगाली संशोधन ने HFCs के उत्पादन और उपभोग को चरणबद्ध रूप से कम करने की व्यवस्था जोड़ी।
HFCs ओज़ोन परत को क्षीण नहीं करते, लेकिन उनमें से अनेक अत्यधिक उच्च वैश्विक तापन क्षमता वाली ग्रीनहाउस गैसें हैं।
ब्रेटन वुड्स सम्मेलन वर्ष 1944 की अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक और वित्तीय व्यवस्था तथा IMF और विश्व बैंक की स्थापना से संबंधित था।
क्योटो प्रोटोकॉल विकसित देशों के लिए ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी से संबंधित UNFCCC का समझौता था।
नागोया प्रोटोकॉल आनुवंशिक संसाधनों तक पहुँच और उनके उपयोग से उत्पन्न लाभों के उचित तथा न्यायसंगत बँटवारे से संबंधित है।