Previous Year Question
वर्ष 2015 में पेरिस में हुई UNFCCC बैठक के समझौते के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
समझौते पर संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों ने हस्ताक्षर किए थे और यह वर्ष 2017 में प्रभावी होगा।
समझौते का उद्देश्य ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को सीमित करना है, ताकि इस शताब्दी के अंत तक औसत वैश्विक तापमान में वृद्धि औद्योगिक-पूर्व स्तर से 2°C अथवा 1.5°C से भी अधिक न हो।
विकसित देशों ने भूमंडलीय तापन में अपने ऐतिहासिक उत्तरदायित्व को स्वीकार किया और जलवायु परिवर्तन का सामना करने के लिए विकासशील देशों को वर्ष 2020 से प्रतिवर्ष 1,000 बिलियन डॉलर देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
केवल 1 और 3
केवल 2
केवल 2 और 3
1, 2 और 3
Correct Answer: B
Detailed Solution
यह प्रश्न वर्ष 2015 में UNFCCC के पक्षकारों के 21वें सम्मेलन अर्थात् COP21 में अंगीकृत पेरिस समझौते से संबंधित है।
पेरिस समझौता 12 दिसंबर, 2015 को पेरिस में अंगीकृत किया गया था।
कथन 1 गलत है: पेरिस समझौते को COP21 में अंगीकृत किया गया था, लेकिन उस समय संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों ने उस पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।
समझौता 22 अप्रैल, 2016 को हस्ताक्षर के लिए खोला गया था।
किसी देश द्वारा समझौते पर हस्ताक्षर करना और उसका अनुसमर्थन, स्वीकृति अथवा अनुमोदन करना अलग-अलग कानूनी चरण हैं।
समझौते के लागू होने के लिए कम-से-कम 55 ऐसे पक्षकारों के अनुसमर्थन की शर्त थी, जिनका वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कम-से-कम 55% योगदान हो।
आवश्यक सीमा पूरी होने के बाद पेरिस समझौता 4 नवंबर, 2016 को लागू हो गया था, वर्ष 2017 में नहीं।
इसलिए कथन 1 में हस्ताक्षर और लागू होने के समय से संबंधित दोनों दावे सही नहीं हैं।
कथन 2 सही है: पेरिस समझौते का तापमान संबंधी लक्ष्य वैश्विक औसत तापवृद्धि को औद्योगिक-पूर्व स्तर से 2°C से काफी नीचे रखना है।
इसके साथ तापमान वृद्धि को 1.5°C तक सीमित रखने के प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है।
1.5°C की सीमा जलवायु परिवर्तन के जोखिमों और प्रभावों को कम करने के लिए विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण मानी गई है।
इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान प्रस्तुत और समय-समय पर अद्यतन करते हैं।
प्रत्येक आगामी योगदान से पिछले योगदान की तुलना में अधिक प्रगति और महत्त्वाकांक्षा प्रदर्शित करने की अपेक्षा की जाती है।
पेरिस समझौते में शमन के साथ अनुकूलन, जलवायु वित्त, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, क्षमता निर्माण और पारदर्शिता की व्यवस्थाएँ भी सम्मिलित हैं।
कथन 3 गलत है: विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्त का संबंधित लक्ष्य वर्ष 2020 तक प्रतिवर्ष 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाना था, 1,000 बिलियन डॉलर नहीं।
यह वित्तीय लक्ष्य पेरिस समझौते से पहले विकसित देशों द्वारा व्यक्त प्रतिबद्धताओं से उत्पन्न हुआ और पेरिस निर्णयों में इसे आगे बढ़ाया गया।
विकसित देशों को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने में अग्रणी भूमिका निभानी थी, लेकिन कथन में दी गई 1,000 बिलियन डॉलर की राशि गलत है।
पेरिस समझौता सभी पक्षकारों पर लागू होता है, लेकिन यह समानता तथा साझा किंतु विभेदित उत्तरदायित्व और संबंधित क्षमताओं के सिद्धांत को राष्ट्रीय परिस्थितियों के प्रकाश में स्वीकार करता है।