Previous Year Question
‘मेथेन हाइड्रेट’ के निक्षेपों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
भूमंडलीय तापन इन निक्षेपों से मेथेन गैस के निर्मुक्त होने को प्रेरित कर सकता है।
‘मेथेन हाइड्रेट’ के विशाल निक्षेप आर्कटिक टुंड्रा और समुद्र-तल के नीचे पाए जाते हैं।
वायुमंडल में उपस्थित मेथेन एक या दो दशक के बाद कार्बन डाइऑक्साइड में ऑक्सीकृत हो जाती है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
Correct Answer: D
Detailed Solution
मेथेन हाइड्रेट बर्फ जैसी दिखने वाली एक ठोस क्रिस्टलीय संरचना है, जिसमें जल के अणुओं द्वारा बनाए गए पिंजरों के भीतर मेथेन के अणु बंद रहते हैं।
इसे मेथेन क्लैथरेट, हाइड्रोमेथेन अथवा मेथेन आइस भी कहा जाता है।
मेथेन हाइड्रेट कम तापमान और उच्च दाब की परिस्थितियों में स्थिर रहता है।
कथन 1 सही है: समुद्री जल अथवा स्थायी तुषार की परत का तापमान बढ़ने पर मेथेन हाइड्रेट अस्थिर हो सकता है।
इसके विघटन से मेथेन गैस मुक्त हो सकती है, जिससे तलछट की स्थिरता और समुद्री भू-आकृति प्रभावित हो सकती है।
मुक्त मेथेन का कुछ भाग समुद्री तलछट और जल-स्तंभ में सूक्ष्मजीवों द्वारा ऑक्सीकृत हो सकता है; इसलिए पूरी मुक्त मेथेन अनिवार्य रूप से वायुमंडल तक नहीं पहुँचती।
फिर भी वायुमंडल तक पहुँचने वाली मेथेन अतिरिक्त तापन उत्पन्न कर सकती है, जिससे आगे और हाइड्रेट अस्थिर होने की धनात्मक प्रतिपुष्टि की आशंका रहती है।
इस प्रक्रिया की वास्तविक मात्रा, गति और जलवायु पर प्रभाव में पर्याप्त वैज्ञानिक अनिश्चितता है।
कथन 2 सही है: मेथेन हाइड्रेट के बड़े भंडार आर्कटिक स्थायी तुषार अथवा टुंड्रा क्षेत्रों और महाद्वीपीय सीमांतों के समुद्री तलछटों में पाए जाते हैं।
ये निक्षेप ऐसे तलछट क्षेत्रों में बनते हैं जहाँ जैविक पदार्थ से उत्पन्न मेथेन कम तापमान और उच्च दाब में जल के साथ क्रिस्टलीय संरचना बना लेती है।
कुछ गहरी मीठे पानी की झीलों के तलछटों में भी गैस हाइड्रेट पाए जा सकते हैं।
भारत में कृष्णा-गोदावरी, महानदी और अंडमान समुद्री क्षेत्रों में गैस हाइड्रेट की संभावनाओं का अध्ययन किया गया है।
कथन 3 सही है: वायुमंडलीय मेथेन का औसत जीवनकाल लगभग एक दशक के आसपास होता है।
यह मुख्यतः क्षोभमंडल में हाइड्रॉक्सिल रेडिकल के साथ अभिक्रिया करके क्रमशः कार्बन डाइऑक्साइड और जल में ऑक्सीकृत हो जाती है।
इसलिए वायुमंडल में मेथेन का एक या दो दशक के समयमान पर CO₂ में परिवर्तित होना सही है।
मेथेन वायुमंडल में CO₂ की तुलना में कम समय तक रहती है, लेकिन प्रति अणु ऊष्मा रोकने की इसकी क्षमता बहुत अधिक होती है।
मेथेन हाइड्रेट में विशाल ऊर्जा-संसाधन की संभावना है, लेकिन उसके निष्कर्षण में तलछट-अस्थिरता, समुद्री पारितंत्र को क्षति और अनियंत्रित मेथेन रिसाव जैसे जोखिम हैं।