JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ENVIRONMENT · 2022

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक ‘कार्बन की सामाजिक लागत’ पद का सर्वोत्तम वर्णन करता है? यह निम्नलिखित में से किसका, मौद्रिक मूल्य में, माप है?

A.

किसी दिए गए वर्ष में एक टन CO₂ के उत्सर्जन से होने वाली दीर्घकालिक क्षति

B.

किसी देश द्वारा अपने नागरिकों को वस्तुएँ और सेवाएँ प्रदान करने के लिए जीवाश्म ईंधनों की आवश्यकता, जो उन ईंधनों के दहन पर आधारित हो

C.

किसी जलवायु शरणार्थी द्वारा नए स्थान पर रहने के लिए अनुकूलित होने हेतु किए गए प्रयास

D.

पृथ्वी ग्रह पर कार्बन पदचिह्न में किसी व्यक्ति का योगदान

Correct Answer: A

Detailed Solution

  • कार्बन की सामाजिक लागत (Social Cost of Carbon—SCC) किसी निश्चित वर्ष में एक अतिरिक्त टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित करने से भविष्य में होने वाली कुल सामाजिक क्षति का अनुमानित मौद्रिक मूल्य है।

  • इसे कार्बन डाइऑक्साइड के एक अतिरिक्त टन उत्सर्जन की सीमांत सामाजिक लागत भी कहा जा सकता है।

  • उत्सर्जित CO₂ लंबे समय तक जलवायु प्रणाली को प्रभावित करती है; इसलिए इसकी क्षति केवल उत्सर्जन वाले वर्ष तक सीमित नहीं होती।

  • SCC में भविष्य में होने वाली क्षतियों को वर्तमान मौद्रिक मूल्य में परिवर्तित किया जाता है।

  • इन क्षतियों में अत्यधिक तापमान के कारण बीमारी और मृत्यु, कृषि उत्पादकता में परिवर्तन तथा श्रम-उत्पादकता में कमी सम्मिलित हो सकती है।

  • समुद्र-स्तर में वृद्धि से तटीय संपत्ति की क्षति, बाढ़, विस्थापन और तटीय सुरक्षा पर होने वाला व्यय भी इसका भाग हो सकता है।

  • ऊर्जा की माँग, जल-संसाधन, चरम मौसमी घटनाएँ, पारितंत्र और जैव विविधता पर पड़ने वाले प्रभावों को भी मूल्यांकन में सम्मिलित किया जा सकता है।

  • SCC का अनुमान लगाने के लिए उत्सर्जन, वायुमंडलीय सांद्रता, तापमान परिवर्तन और आर्थिक क्षति को जोड़ने वाले समेकित आकलन मॉडल प्रयुक्त किए जाते हैं।

  • इसका अनुमान जलवायु संवेदनशीलता, भविष्य की जनसंख्या और आर्थिक वृद्धि, क्षति-फलन तथा सामाजिक छूट-दर पर निर्भर करता है।

  • कम छूट-दर भविष्य में होने वाली क्षति को अधिक महत्त्व देती है और सामान्यतः कार्बन की सामाजिक लागत का अधिक मूल्य उत्पन्न करती है।

  • SCC का उपयोग जलवायु नीतियों, उत्सर्जन-मानकों और स्वच्छ प्रौद्योगिकियों के लागत-लाभ विश्लेषण में किया जा सकता है।

  • यदि किसी उत्सर्जन-कटौती उपाय की प्रति टन लागत SCC से कम है, तो उसके सामाजिक लाभ उसकी लागत से अधिक हो सकते हैं।

  • SCC स्वयं कार्बन कर अथवा बाजार में निर्धारित कार्बन मूल्य नहीं है, यद्यपि यह ऐसे नीतिगत मूल्यों को निर्धारित करने में उपयोगी हो सकता है।

  • विकल्प (b) किसी देश की जीवाश्म ईंधन आवश्यकता का वर्णन करता है, न कि अतिरिक्त उत्सर्जन से होने वाली सामाजिक क्षति का।

  • विकल्प (c) जलवायु विस्थापन के बाद अनुकूलन-प्रयास का वर्णन करता है और विकल्प (d) किसी व्यक्ति के कार्बन पदचिह्न का वर्णन करता है।

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